HDFC बैंक का मुनाफा 19,510 करोड़ रुपये पहुंचा: ब्याज से होने वाली आय 10 फीसदी बढ़ी, डिप्टी एमडी कैजाद भरूचा ने दिया इस्तीफा

HDFC बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में 19,510 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया है। पिछले साल की समान अवधि में यह आंकड़ा 18,641 करोड़ रुपये था। इस तरह बैंक के मुनाफे में करीब 5% की सालाना वृद्धि हुई। बैंक की शुद्ध ब्याज आय भी लगभग 10% बढ़कर 34,619 करोड़ रुपये पहुंच गई, जबकि पिछले साल यह करीब 31,550 करोड़ रुपये थी। बाजार के जानकारों ने मुनाफा 19,567 करोड़ और ब्याज आय 34,861 करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया था। वास्तविक नतीजे इन अनुमानों के करीब रहे।
30 सितंबर 2026 तक बैंक का कुल कर्ज सालाना आधार पर 16.3% बढ़कर 32,19,500 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, कुल जमा राशि 18.8% की वृद्धि के साथ 33,27,400 करोड़ रुपये पहुंच गई। बचत और चालू खातों में जमा राशि यानी CASA में 10.8% की बढ़ोतरी हुई। कुल जमा में इसकी हिस्सेदारी 31.6% रही, जबकि फिक्स्ड डिपॉजिट में 22.8% की वृद्धि दर्ज की गई। बैंक की एसेट क्वालिटी में भी सुधार हुआ। नेट एनपीए अनुपात पिछली तिमाही के 0.41% और पिछले साल के 0.42% से घटकर 0.37% रह गया।
नेतृत्व में बदलाव और शेयर पर दबाव
बैंक के एमडी और सीईओ शशिधर जगदीशन ने कहा कि आम लोगों और छोटे कारोबारियों को दिए जाने वाले कर्ज में अच्छी वृद्धि हुई है। उन्होंने आने वाली तिमाही में मुनाफे का मार्जिन बेहतर होने की उम्मीद जताई। अनूप बागची 27 अक्टूबर से एमडी और सीईओ की जिम्मेदारी संभालेंगे। जगदीशन ने उनके नेतृत्व में बैंक को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई। इसी बीच डिप्टी एमडी कैजाद भरूचा ने इस्तीफा दे दिया। अनूप बागची ने बैंक की कर्ज वसूली और एसेट क्वालिटी मजबूत रखने में भरूचा और उनकी टीम के योगदान की सराहना की। दूसरी ओर, 2026 में बैंक का शेयर 26% से अधिक गिर चुका है। शुक्रवार को तिमाही नतीजों से पहले शेयर 0.28% बढ़कर 728.85 रुपये पर बंद हुआ था।
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