ईडी का बड़ा खुलासा: अफगानिस्तान-पाकिस्तान-दुबई से चल रहा अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट, आतंकी गतिविधियों के लिए भेजे 76 करोड़ रुपये

अफगानिस्तान-पाकिस्तान-दुबई से चल रहा अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट, आतंकी गतिविधियों के लिए भेजे 76 करोड़ रुपये

प्रवर्तन निदेशालय ने एक अंतरराष्ट्रीय नार्को-टेररिज्म सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए बड़ी कामयाबी हासिल की है। ईडी की जांच में सामने आया है कि अफगानिस्तान, पाकिस्तान और दुबई से संचालित होने वाले एक बड़े ड्रग तस्करी सिंडिकेट ने नशे की काली कमाई से 76 करोड़ रुपये हवाला के जरिए अफगानिस्तान भेजे, जिनका इस्तेमाल सीधे तौर पर आतंकवादी गतिविधियों को फंड करने के लिए किया गया था।

इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए ईडी ने मुख्य आरोपी बनीत सिंह तलवार को गिरफ्तार कर लिया है, जो मुंद्रा पोर्ट ड्रग्स मामले के आरोपी कबीर तलवार का भाई है। दिल्ली की एक अदालत ने बनीत को पांच दिनों के लिए ईडी की कस्टडी में भेज दिया है।

पाकिस्तानी ISI और दुबई कनेक्शन का पर्दाफाश

ईडी की यह जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा दर्ज की गई एफआईआर और दाखिल की गईं छह चार्जशीट के आधार पर आगे बढ़ाई गई है। जांच के अनुसार, इस पूरे अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का मास्टरमाइंड वितेश कोसर उर्फ 'राजू दुबई' है, जो वर्तमान में एक वांछित आरोपी है। इस काले कारोबार में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के एजेंट और कई अफगान नागरिक भी सीधे तौर पर शामिल हैं।

कुल 89 करोड़ की अपराध की कमाई की पहचान

जांच एजेंसी ने अब तक इस सिंडिकेट के जरिए कुल 89 करोड़ रुपये की अपराध की कमाई की पहचान की है। ड्रग्स की अवैध बिक्री से जुटाए गए, जिसे हवाला के जरिए आतंकी फंडिंग के लिए अफगानिस्तान भेजा गया। भारत में तस्करी को बढ़ावा देने के बदले आरोपियों को मास्टरमाइंड राजू दुबई से कैश के साथ-साथ महंगे परफ्यूम, गुडांग गरम सिगरेट और सूखी खजूर जैसी चीजें मिलती थीं।

दिल्ली के नाइट क्लबों में खपाया जा रहा था पैसा

ईडी ने खुलासा किया है कि अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट से मिलने वाले इस अवैध पैसे को वैध बनाने के लिए भारत में कमर्शियल हॉस्पिटैलिटी सेक्टर और लग्जरी संपत्तियों का सहारा लिया जा रहा था। जांच के मुताबिक, ड्रग्स की इस काली कमाई का एक बड़ा हिस्सा दिल्ली के पॉश नाइट क्लबों में गुप्त निवेश के जरिए खपाया जा रहा था। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, यह नार्को-टेररिज्म नेटवर्क भारत की सुरक्षा और युवाओं को निशाना बनाने की एक बड़ी और गहरी अंतरराष्ट्रीय साजिश का हिस्सा है, जिस पर ईडी और एनआईए मिलकर लगातार कार्रवाई कर रहे हैं।

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