साइबर हमले की चपेट में फ्रांस के सुपरमार्केट्स: हैकर्स ने बदली रेफ्रिजरेशन की सेटिंग, 50 डिग्री तक पहुंचा फ्रिज का तापमान

हैकर्स ने बदली रेफ्रिजरेशन की सेटिंग, 50 डिग्री तक पहुंचा फ्रिज का तापमान

फ्रांस में सुपरमार्केट्स के रेफ्रिजरेशन सिस्टम पर हुए साइबर हमले ने खाद्य सुरक्षा और रिटेल कारोबार के सामने बड़ा संकट खड़ा कर दिया। हमले के बाद 480 से ज्यादा दुकानों के फ्रिज और फ्रीजर का तापमान बढ़कर 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हैकरों ने कई स्टोर्स के सिस्टम को डीफ्रॉस्टिंग मोड में डाल दिया, जिससे ताजा और फ्रोजन खाद्य सामग्री खराब हो गई। कई दुकानों में आग लगने की भी खबर है। रिटेल कंपनियों ने इसे बेहद गंभीर और अपनी तरह का पहला हमला बताया है। शुरुआती आकलन में कारोबार को कई करोड़ यूरो का नुकसान होने की आशंका जताई गई है।

फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबास्टियन लेकोर्नू ने राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा एजेंसी एएनएसएसआई को मामले की जांच करने का निर्देश दिया है। फ्रांस दूसरे यूरोपीय देशों के साथ मिलकर यह भी पता लगा रहा है कि कहीं अन्य कंपनियों के सिस्टम को भी निशाना तो नहीं बनाया गया। पेरिस अभियोजन कार्यालय ने इसे बड़े पैमाने का साइबर हमला बताया है। उसके अनुसार, देशभर में कई प्रमुख खाद्य रिटेल कंपनियों के इंटरनेट से जुड़े रेफ्रिजरेशन सिस्टम प्रभावित हुए हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हमलावरों ने सिस्टम तक पहुंच कैसे बनाई और कितनी दुकानों में नुकसान हुआ।

पुराने सॉफ्टवेयर की कमजोरी पर शक

सुपरमार्केट्स में फ्रिज और फ्रीजर का तापमान कंट्रोल पैनल के जरिए नियंत्रित किया जाता है। इंटरनेट से जुड़े इन सिस्टम की सेटिंग मेंटेनेंस कंपनियां दूर से भी बदल सकती हैं। साइबर हमलावर सुरक्षा संबंधी कमजोरी का फायदा उठाकर तापमान घटा-बढ़ा सकते हैं या डीफ्रॉस्टिंग प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी के मुताबिक, फ्रांस की साइबर सुरक्षा एजेंसी ने डेनमार्क की कंपनी डैनफॉस के सॉफ्टवेयर में कमजोरी की पहचान की है। डैनफॉस ने भी फ्रांस में रेफ्रिजरेशन सिस्टम से जुड़ी घटनाओं की जानकारी होने की बात कही है। कंपनी के अनुसार, प्रभावित सिस्टम में सॉफ्टवेयर का पुराना संस्करण इस्तेमाल किया जा रहा था। कंपनी ग्राहकों को सॉफ्टवेयर अपडेट रखने और पुराने उपकरण बदलने की सलाह देती रही है। नौ अगस्त को साइबर सुरक्षा कंपनी क्लैरोटी ने डैनफॉस के सिस्टम की कुछ कमजोरियों पर रिपोर्ट जारी की थी। इसमें बताया गया था कि इनका फायदा उठाकर हमलावर उचित पहचान सत्यापन के बिना सिस्टम तक पहुंच सकते हैं। फ्रांस के रिटेल संगठन एफसीडी ने डैनफॉस से मामले की पूरी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है।

खाद्य सामग्री फेंकने से बढ़ेगा नुकसान

रिटेल सेक्टर को हुए कुल नुकसान का आधिकारिक आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है। हालांकि, इंटरमार्शे के सीईओ थिएरी कोटियार ने कहा कि एक ही दिन में कई करोड़ यूरो का नुकसान हो सकता है। कंपनी के मुताबिक, प्रभावित दुकानों को खराब हुए ताजा और फ्रोजन उत्पाद फेंकने पड़ेंगे। वहीं, कोऑपरेटिव यू के सीईओ डोमिनिक शेल्शर ने बताया कि उनकी कंपनी के रेफ्रिजरेशन सिस्टम में समस्याएं सामने आने लगी थीं। उन्होंने खाद्य सामग्री सुरक्षित रखने वाली व्यवस्था को निशाना बनाए जाने को गंभीर और अस्वीकार्य बताया।

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