स्पेन में दो हाई-स्पीड ट्रेनों के बीच भीषण टक्कर: 68 लोगों की मौत, 100 से अधिक लोग घायल
स्पेन के टोलेडो प्रांत में दो हाई-स्पीड ट्रेनों के बीच हुई भीषण टक्कर में कम से कम 68 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है और 100 से अधिक लोग घायल हैं. मैड्रिड से सेविले जा रही सरकारी कंपनी 'रेनफे' की एक एक्सप्रेस ट्रेन ने ट्रैक पर पहले से खड़ी प्राइवेट ऑपरेटर 'इर्यो' की ट्रेन को पीछे से इतनी जोरदार टक्कर मारी कि कुछ ही सेकेंड्स में चीख-पुकार मच गई और बोगियां खाई में जा गिरीं।
इस भयानक तबाही के बाद जब सरकार का आधिकारिक बयान आया, तो उसने हर किसी को चौंका दिया। परिवहन मंत्री ऑस्कर पुएंते ने खुलासा किया कि यह हादसा एक "अकल्पनीय मानवीय भूल" का नतीजा था।
कंप्यूटर फेलियर के बाद ऑपरेटर का गलत फैसला
सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे से ठीक पहले रेल रूट पर कंप्यूटर और कम्युनिकेशन सिस्टम में खराबी आ गई थी। इस तकनीकी गड़बड़ी के कारण सिग्नल ऑटोमैटिक लाल हो गया और नियम के मुताबिक ट्रैक पर चल रही छह ट्रेनों को जहां की तहां रोक दिया गया। असली लापरवाही इसके बाद हुई। जब ट्रेनों का ऑटोमैटिक कंट्रोल फेल हुआ, तो पूरे रूट का संचालन कंट्रोल सेंटर के हाथों में आ गया। नियंत्रण कक्ष के ऑपरेटर ने प्रोटोकॉल तोड़ते हुए बेहद हैरान करने वाला फैसला लिया। बिना यह जांचे कि आगे के ट्रैक पर इर्यो ट्रेन रुकी हुई है, ऑपरेटर ने पीछे आ रही रेनफे हाई-स्पीड ट्रेन को बिना किसी स्पीड रिस्ट्रिक्शन के आगे बढ़ने का ग्रीन सिग्नल दे दिया।
सेकेंड्स में खत्म हुईं 68 जिंदगियां
आदेश मिलते ही पीछे आ रही ट्रेन अपनी फुल स्पीड में आगे बढ़ी और सीधे आगे खड़ी ट्रेन के पिछले हिस्से से जा टकराई। टक्कर इतनी भयानक थी कि डिब्बे लोहे के मलबे में तब्दील हो गए। दोनों ट्रेनों में 500 से ज्यादा यात्री सवार थे। यात्रियों के मुताबिक, सफर शुरू हुए 40 मिनट ही हुए थे कि अचानक 10 सेकेंड तक ऐसा खौफनाक झटका लगा कि लोग हवा में उछल गए और बोगियां पटरी से नीचे गिर गईं। स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए देश में तीन दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। स्पेन में इस साल हाई-स्पीड रेल नेटवर्क पर यह दूसरा बड़ा हादसा है, जिसने पूरे यूरोप की रेल सुरक्षा और पुरानी होती सिग्नलिंग व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
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