अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद ईरान ने किया बड़ा खेल: ट्रंप की नाक के नीचे से जुटा लिया 'मौत का सामान', इकट्ठा किए विनाशकारी हथियार

अमेरिकी प्रतिबंधों और ट्रंप की नाकेबंदी को धता बताते हुए ईरान ने खड़ा किया दो अरब डॉलर का गुप्त सैन्य सप्लाई नेटवर्क। ईरान पर लगे कड़े अंतरराष्ट्रीय और अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद, तेहरान ने बेहद चालाकी से पश्चिमी देशों की नाक के नीचे से 'मौत का सामान' जुटा लिया है। रक्षा मंत्रालयों की इनसाइड स्टोरी के मुताबिक, इस सीक्रेट नेटवर्क के जरिए ईरान ने खतरनाक विस्फोटक, अत्याधुनिक रॉकेट और भारी-भरकम सैन्य ट्रक जैसे विनाशकारी हथियार इकट्ठा कर लिए हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार दावा कर रहे हैं कि उन्होंने सैन्य हमलों से ईरान की कमर तोड़ दी है और उसकी नौसेना व वायुसेना को भारी नुकसान पहुंचाया है। हालांकि, जमीन पर हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। ट्रंप ने हाल ही में मिसिसिपी की एक रैली में खुद स्वीकार किया कि "ईरानी बेहद चालाक लोग हैं और वे कुछ अद्भुत और खतरनाक हथियार बना रहे हैं"। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने एक ऐसी लंबी दूरी की मिसाइल तैयार कर ली है जिसकी मारक क्षमता अब सीधे यूरोप तक पहुंच चुकी है।
खुफिया एजेंसियों को चकमा देकर चल रहा मौत का सीक्रेट नेटवर्क
ईरान ने जनवरी 2025 से ही इस सीक्रेट मिलिट्री नेटवर्क को एक्टिव कर रखा है। वाशिंगटन और इजरायल की खुफिया एजेंसियों को चकमा देकर यह नेटवर्क काम कर रहा है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के मुताबिक, रूस अंतरिक्ष से अमेरिकी सैन्य ठिकानों की सैटेलाइट निगरानी कर ईरान को खुफिया डेटा दे रहा है, जबकि चीन से भी उसे जंग का रुख मोड़ने वाले घातक हथियार मिल रहे हैं। जहां एक तरफ ईरान के भीतर महंगाई चरम पर है और आम जनता परेशान है, वहीं दूसरी तरफ तेहरान ने चुपचाप अरबों डॉलर के हथियारों का जखीरा डंप कर लिया है। इस युद्ध में सिर्फ ईरान का ही नुकसान नहीं हो रहा, बल्कि अमेरिका अब तक इस सैन्य मोर्चे पर 47.1 अरब डॉलर फूंक चुका है, जिससे ट्रंप सरकार पर भारी दबाव है।
युद्ध की चौखट पर दुनिया
व्हाइट हाउस के अधिकारियों का कहना है कि डोनाल्ड ट्रंप ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए "सभी विकल्प खुले रख रहे हैं"। अमेरिका ने ईरान के 'पिकएक्स माउंटेन' जैसे अंडरग्राउंड परमाणु ठिकानों पर फिर से बड़े हवाई हमलों के संकेत दिए हैं। वहीं, दूसरी ओर ईरान ने साफ चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका या इजरायल ने दोबारा हिमाकत की, तो वह खाड़ी क्षेत्र में बिछी समुद्र के नीचे की संचार के बलों को काट देगा और होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह ब्लॉक कर देगा, जिससे पूरी दुनिया में तबाही मच जाएगी।
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