इटली में हिंसा और आगजनी पर 5 साल की जेल: 21 लाख रुपये तक लगेगा जुर्माना, नाबालिगों के नुकसान की भरपाई करेंगे पैरेंट

21 लाख रुपये तक लगेगा जुर्माना, नाबालिगों के नुकसान की भरपाई करेंगे पैरेंट

इटली में हिंसक प्रदर्शनों, लूटपाट और आगजनी पर लगाम लगाने के लिए प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार ने सुरक्षा से जुड़े नए नियमों को मंजूरी दी है। इनके तहत हिंसा में शामिल लोगों को पांच साल तक की जेल और 21 लाख रुपये तक जुर्माना भुगतना पड़ सकता है। प्रदर्शन के दौरान दुकानों या अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वालों से उसकी भरपाई भी कराई जाएगी। नुकसान पहुंचाने वाला नाबालिग होने पर इसकी जिम्मेदारी उसके माता-पिता पर डाली जाएगी। नए नियमों को स्थायी कानून बनाने के लिए संसद की मंजूरी जरूरी होगी। संसद को 60 दिनों के भीतर इस आदेश को कानून में बदलना होगा।

मिलान में दुकानों में लूटपाट और आगजनी की घटनाओं के बाद सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का फैसला किया है। इसके तहत साल के आखिर तक शहर में 500 अतिरिक्त सैनिक तैनात किए जाएंगे। प्रधानमंत्री मेलोनी ने सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में कहा कि हिंसा में बड़ी संख्या में युवाओं की भागीदारी चिंताजनक है। उनके मुताबिक, 17 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन में कई युवा तोड़फोड़ और चोरी करने के साथ अपने कृत्यों के वीडियो भी बना रहे थे। उन्होंने कहा कि इस समस्या से गंभीरता से निपटना जरूरी है, ताकि हिंसा के वीडियो देखकर दूसरे युवा भी ऐसे कृत्यों के लिए प्रेरित न हों।

चेहरा ढककर हिंसा करने पर बढ़ेगी सजा

नए प्रावधानों के तहत प्रदर्शन के दौरान हिंसा में शामिल होने को अलग अपराध माना जाएगा। यदि कोई व्यक्ति चेहरा ढककर हिंसा करता है या उसके हमले में किसी को चोट पहुंचती है, तो उसकी सजा बढ़ाई जा सकेगी। सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से भी भरपाई कराई जाएगी। सरकार का उद्देश्य हिंसक घटनाओं पर अंकुश लगाने के साथ नुकसान पहुंचाने वालों की जवाबदेही तय करना है।

14 साल से अधिक उम्र के किशोरों पर कार्रवाई आसान

नए नियमों में 14 साल से अधिक उम्र के बच्चों को सामान्य रूप से अपने कृत्यों के परिणाम समझने में सक्षम माना जाएगा। यदि कोई यह साबित करना चाहता है कि संबंधित नाबालिग अपने काम के नतीजों को समझने में सक्षम नहीं था, तो उसे इसके सबूत देने होंगे। अब तक इस संबंध में फैसला जज करते थे। इसके अलावा सरकार हिरासत केंद्रों में जगह बढ़ाने और किशोर न्याय व्यवस्था में जजों की संख्या बढ़ाने की योजना बना रही है, ताकि नाबालिगों से जुड़े मामलों का निपटारा बेहतर ढंग से हो सके।

100 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल

मिलान के प्रमुख खरीदारी क्षेत्र में 17 अक्टूबर को प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क गई थी। कई प्रदर्शनकारियों ने चेहरे ढक रखे थे। उन्होंने पुलिस से झड़प की, दुकानों में लूटपाट की और संपत्तियों में आग लगा दी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने पानी की बौछारों और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। 18 अक्टूबर को भी हिंसा और लूटपाट की घटनाएं जारी रहीं। अधिकारियों के अनुसार, दो दिनों में 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए। पुलिस ने बताया कि 17 अक्टूबर की रात करीब 2,000 युवा हिंसा में शामिल थे। इनमें विदेशी माता-पिता के यहां जन्म लेकर बाद में इटली की नागरिकता पाने वाले लोग और दूसरे देशों के नागरिक भी शामिल थे। अब तक करीब 50 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 30 से अधिक नाबालिग हैं।

महंगाई और सरकारी सुविधाओं को लेकर भी नाराजगी

इटली में प्रदर्शनों के पीछे कम वेतन, बढ़ती महंगाई, महंगे मकानों और किराए के साथ सरकारी सुविधाओं की स्थिति जैसे मुद्दे भी चर्चा में हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतें बढ़ रही हैं, जबकि कमाई में उसी अनुपात में वृद्धि नहीं हो रही। आवास और किराए का बढ़ता खर्च भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है। इसी बीच प्रदर्शनकारियों ने 30 अक्टूबर को देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है।

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