ब्राजील में लूला की हुई ऐतिहासिक वापसी: चौथी बार संभाली राष्ट्रपति की कमान, फ्लावियो बोल्सोनारो को दी करारी शिकस्त

ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने राष्ट्रपति चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। 80 वर्षीय लूला ने दूसरे दौर के मतदान में दक्षिणपंथी नेता फ्लावियो बोल्सोनारो को हराकर चौथी बार राष्ट्रपति पद हासिल किया। ब्राजील के निर्वाचन प्राधिकरण के अंतिम नतीजों के अनुसार, लूला को 51.79 प्रतिशत वैध वोट मिले। वहीं, फ्लावियो बोल्सोनारो को 48.21 प्रतिशत वोट हासिल हुए। इस जीत के साथ लूला ने पहले दौर में पिछड़ने के बाद मुकाबले में वापसी की है।
चार अक्टूबर को हुए पहले दौर के मतदान में फ्लावियो बोल्सोनारो ने 47.03 प्रतिशत वोट हासिल किए थे। लूला को 45.16 प्रतिशत वोट मिले थे। इस तरह पहले दौर में लूला दूसरे स्थान पर रहे थे। हालांकि, दूसरे दौर में उन्होंने मुकाबले का रुख बदल दिया। अंतिम नतीजों में लूला को 6.42 करोड़ से अधिक वोट मिले, जबकि फ्लावियो के खाते में करीब 5.98 करोड़ वोट आए। दोनों उम्मीदवारों के बीच लगभग 44.3 लाख वोटों का अंतर रहा। ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव के इतिहास में पहली बार पहले दौर में दूसरे स्थान पर रहने वाला उम्मीदवार दूसरे दौर में जीत दर्ज करने में सफल रहा।
पहले भी तीन बार संभाल चुके हैं राष्ट्रपति पद
लूला 2002 से 2010 तक ब्राजील के राष्ट्रपति रह चुके हैं। दो लगातार कार्यकाल पूरे करने के बाद उन्हें पद छोड़ना पड़ा था। उनका राजनीतिक सफर विवादों से भी घिरा रहा। 2018 में भ्रष्टाचार के मामले में उन्हें जेल जाना पड़ा, लेकिन बाद में उनकी सजा रद्द कर दी गई। इसके बाद उन्होंने 2022 का चुनाव लड़ा और राष्ट्रपति बने। उनके समर्थक उनकी वापसी को राजनीतिक संघर्ष के बाद मिली सफलता के तौर पर देखते हैं।
दो चरणों में होता है राष्ट्रपति चुनाव
ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव दो चरणों में कराया जाता है। पहले दौर में सभी उम्मीदवार मैदान में उतरते हैं। यदि किसी प्रत्याशी को 50 प्रतिशत से अधिक वोट मिल जाते हैं, तो वह सीधे निर्वाचित हो जाता है। ऐसा नहीं होने पर सबसे ज्यादा वोट पाने वाले दो उम्मीदवार दूसरे दौर में पहुंचते हैं। अंतिम चरण में दोनों के बीच मुकाबला होता है और अधिक वोट पाने वाला उम्मीदवार जीतता है। पहले दौर में बाहर हुए उम्मीदवारों के समर्थक दूसरे चरण में किसी भी प्रत्याशी को वोट दे सकते हैं, जिससे नतीजे बदल सकते हैं।
महिला और कैथोलिक मतदाताओं के समर्थन का दावा
चुनाव से पहले हुए सर्वे के हवाले से दिए गए विवरण में कहा गया है कि 49 प्रतिशत महिलाओं ने लूला का समर्थन किया, जबकि फ्लावियो को 40 प्रतिशत महिलाओं का समर्थन मिला। कैथोलिक मतदाताओं में लूला को 52 प्रतिशत और फ्लावियो को 42 प्रतिशत समर्थन मिलने का दावा किया गया। लूला ने ब्राजील को अपने फैसले खुद लेने और अमेरिका के दबाव के बीच देश की स्वतंत्रता बनाए रखने पर जोर दिया था। दिए गए विवरण के अनुसार, इस संदेश ने भी मतदाताओं को प्रभावित किया।
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