नाइजीरिया में हिरासत में 33 संदिग्धों की मौत: प्रशासन को बीमारी का शक, सर्वाइवर का दावा- दम घुटने से गई जान
नाइजीरिया के उत्तर-मध्य नाइजर राज्य में अवैध खनन के आरोप में गिरफ्तार कम से कम 33 लोग हिरासत में मृत पाए गए। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि उनकी मौत किसी संक्रमण या बीमारी फैलने के कारण हुई। हालांकि, घटना में जीवित बचे दाउदा शेहू ने दावा किया कि 65 लोगों को एक ऐसी कोठरी में ठूंसकर रखा गया था, जहां हवा आने-जाने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। उसके मुताबिक, हिरासत में रखे लोगों का दम घुटने लगा था। मौत की वास्तविक वजह पता लगाने के लिए शवों को स्थानीय अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है।
‘नाइजीरिया सिक्योरिटी एंड सिविल डिफेंस कोर’ (एनएससीडीसी) के प्रवक्ता अबुबकर मुती ने बताया कि संदिग्धों की मौत एनएससीडीसी की हिरासत में हुई। नाइजर राज्य में एनएससीडीसी के प्रमुख सुबेरू सियाका अनिविये के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसी ने मंगलवार और बुधवार को राज्य में अवैध खनन के संदेह में इन लोगों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद से वे हिरासत में थे। अनिविये ने कहा कि एजेंसी को आशंका है कि इन लोगों की मौत किसी बीमारी के फैलने से हुई। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि किस बीमारी का संदेह है।
अस्पताल में चल रही जांच
अनिविये ने बताया कि मौत की वास्तविक वजह का पता लगाने के लिए शवों को स्थानीय अस्पताल भेजा गया है। वहां आगे चिकित्सकीय जांच की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि हो सकेगी। घटना के बाद नाइजर राज्य की पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है। इससे पहले एनएससीडीसी ने बताया था कि संदिग्ध अवैध खनन गतिविधियों के खिलाफ 15 और 16 सितंबर को अभियान चलाकर लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
‘हवा नहीं थी, दम घुटने लगा’
अस्पताल में एपी से बातचीत में शेहू ने कहा कि सभी लोगों को एक ही कोठरी में ठूंसकर रखा गया था और हवा आने-जाने की कोई पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। उसके मुताबिक, अचानक लोगों का दम घुटने लगा और वे ताजा हवा के लिए छटपटाने लगे। शेहू ने बताया कि कोठरी में बंद लोगों ने दरवाजा पीटकर सुरक्षा एजेंसी के गार्ड का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की। उसके बयान के मुताबिक, भीड़भाड़ और खराब वेंटिलेशन के कारण स्थिति बेहद खराब हो गई थी।
दो बेटों को खोने वाले पिता ने लगाई गुहार
घटना में अपने दो बेटों को खोने वाले शफातु सुलेमान ने सरकार से मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की। परिवारों की ओर से भी घटना की वास्तविक वजह सामने लाने की मांग की जा रही है। अधिकारियों ने मौतों के कारण की पुष्टि के लिए चिकित्सकीय जांच शुरू कराई है। पुलिस की जांच के साथ-साथ अस्पताल में होने वाली जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि हिरासत में इन लोगों की मौत किन परिस्थितियों में हुई।











