पाक-अफगान सीमा पर फिर भड़की भीषण हिंसा: गोलीबारी में सात पाकिस्तानी सैनिकों की हुई मौत, सीमा पर जारी है फायरिंग

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच विवादित सीमा पर एक बार फिर सैन्य तनाव बढ़ गया। दोनों पक्षों के बीच हुई गोलीबारी में सात पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने की खबर है। पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई में कई अफगान तालिबानी लड़ाकों को मारने और उनका एक सैन्य ठिकाना नष्ट करने का दावा किया है। हालांकि, दोनों देशों की ओर से संघर्ष शुरू करने को लेकर एक-दूसरे पर आरोप लगाए गए हैं। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में अब तक सीमा पार हिंसा के कारण अफगानिस्तान में 1100 से ज्यादा नागरिकों की मौत हो चुकी है।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच यह ताजा टकराव विवादित डूरंड लाइन पर हुआ। दोनों देशों के दावों के बीच घटनाक्रम को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। पाकिस्तान का कहना है कि अफगान सीमा रक्षकों ने बिना किसी उकसावे के उसके चेकपॉइंट्स पर गोलीबारी की। यह घटना खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के उत्तर-पश्चिमी कुर्रम जिले में हुई। पाकिस्तान ने आरोप लगाया कि अफगान बलों ने आतंकियों को पाकिस्तानी क्षेत्र में दाखिल कराने में मदद के उद्देश्य से गोलीबारी की, जिसके बाद उसकी सेना ने जवाबी कार्रवाई की।
एक-दूसरे के सैनिकों को हताहत करने का दावा
वहीं, अफगान सुरक्षा सूत्रों ने पाकिस्तान पर संघर्ष शुरू करने और बिना अनुमति सीमा चौकियां स्थापित करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उनके मुताबिक, पाकिस्तानी सैनिकों ने पहले गोलीबारी की, जिसके जवाब में अफगान बलों ने कार्रवाई की और पाकिस्तानी सैन्यकर्मियों को नुकसान पहुंचाया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के सैनिकों को हताहत करने के दावे किए हैं।
पाकिस्तान ने तालिबानी सैन्य ठिकाना नष्ट करने की बात कही
पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारियों ने शनिवार को हुई एक अन्य गोलीबारी का जिक्र करते हुए कई अफगान तालिबानी लड़ाकों को मार गिराने का दावा किया। अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान तालिबान का एक सैन्य बेस कैंप भी नष्ट कर दिया गया। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। सीमा पर लगातार जारी तनाव ने दोनों देशों के बीच सुरक्षा संबंधी चिंताओं को और बढ़ा दिया है।
टीटीपी को लेकर लंबे समय से जारी है विवाद
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच पिछले साल अक्टूबर में सीमा पर बड़े पैमाने पर हुई झड़पों के बाद से कई बार सैन्य टकराव हो चुका है। दोनों देशों के तनाव की प्रमुख वजह तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) है। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार टीटीपी को पनाह देती है और संगठन के लड़ाके अफगान जमीन से सीमा पार हमलों की योजना बनाकर उन्हें अंजाम देते हैं। काबुल इन आरोपों को खारिज करता है। टीटीपी को अफगान तालिबान का करीबी सहयोगी माना जाता है। 2001 में अफगानिस्तान पर अमेरिकी हमले के बाद पाकिस्तान ने अमेरिका का साथ दिया था। इससे नाराज टीटीपी ने पाकिस्तानी सरकार के खिलाफ संघर्ष शुरू किया। यह संगठन पाकिस्तान सरकार को इस्लाम के खिलाफ मानता है। वर्ष 2021 में अफगान तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद पाकिस्तान ने टीटीपी को निशाना बनाते हुए अफगानिस्तान में भी हमले किए।
फिलहाल और खबरें उपलब्ध नहीं हैं।

