अमेरिका में रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका: उपराष्ट्रपति वेंस ने ईरान युद्ध से बनाई दूरी, युद्ध को बताया हार का कारण

अमेरिका में हुए मध्यावधि चुनावों में सत्तारूढ़ रिपब्लिकन पार्टी को अप्रत्याशित और बड़ी हार का सामना करना पड़ा है। इस हार के बाद उपराष्ट्रपति जे डी वेंस ने अलग रास्ता अख्तियार किया है। खुद को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान को लेकर लिए गए फैसले से अलग दिखाने की कोशिश की है। माना जा रहा है कि यह चुनाव नतीजा एक तरह से ट्रंप सरकार की नीतियों पर जनता का फैसला था।
हार के पीछे सबसे बड़ी वजह ईरान युद्ध
बुधवार को वेंस ने सोशल मीडिया पर एक लंबा संदेश साझा किया। इसमें उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि पार्टी की हार के पीछे सबसे बड़ी वजह ईरान के साथ चल रहा युद्ध है। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब पूरे देश में डेमोक्रेट उम्मीदवारों ने रिपब्लिकन प्रत्याशियों को हराया है। यहां तक कि उन सीटों पर भी जहां रिपब्लिकन की जीत को लगभग तय माना जा रहा था। वेंस ने अपने संदेश में लिखा कि अगर कोई यह दलील देता है कि छह साल के लिए सीनेट से हाथ धोना सही कदम था। तो वह ऐसा कह सकता है, लेकिन कम से कम यह बात ईमानदारी से कही जानी चाहिए। इस टिप्पणी को ट्रंप के फैसले से असहमति के तौर पर देखा जा रहा है।
वेंस खुद को ट्रंप की छाया से बाहर निकाल रहे
दिलचस्प बात यह है कि वेंस ने पहले कहा था कि वह मध्यावधि चुनाव के बाद ही चुनाव लड़ने पर फैसला लेंगे। इस बात पर फैसला करेंगे कि 2028 के राष्ट्रपति चुनाव में उतरना है या नहीं। ऐसे में उनके इस बयान को उनकी भविष्य की राजनीतिक रणनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि वेंस खुद को ट्रंप की छाया से बाहर निकालना चाहते हैं। एक अलग नेता के रूप में पेश करना चाहते हैं। वेंस लंबे समय से विदेशी धरती पर अमेरिका के सैन्य हस्तक्षेप के खिलाफ रहे हैं। वे युद्धों में संयम बरतने के पक्षधर माने जाते हैं।
ट्रंप अपने फैसले पर पूरी तरह कायम
ईरान युद्ध शुरू होने के बाद भी उन्होंने इसका खुलकर बचाव नहीं किया था। बाद में जब इस युद्ध को समाप्त करने की कोशिश हुई, तो वेंस उस प्रयास का चेहरा बने थे। लेकिन वह कोशिश सफल नहीं हो सकी। दूसरी तरफ राष्ट्रपति ट्रंप अपने फैसले पर पूरी तरह कायम नजर आए। चुनाव प्रचार के दौरान भी उन्होंने ईरान युद्ध को जरूरी बताया था। नतीजे आने के बाद भी उन्होंने यही रुख दोहराया। बुधवार सुबह व्हाइट हाउस में बन रहे नए बॉलरूम का पत्रकारों को दौरा कराते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान के मामले में यह कदम उठाना जरूरी था। और यह जारी रहेगा। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें पहले से अंदाजा था कि इस युद्ध का असर चुनाव परिणामों पर पड़ सकता है।
डेमोक्रेट पार्टी को प्रतिनिधि सभा और सीनेट में बढ़त
जब पत्रकारों ने वेंस के सोशल मीडिया संदेश के बारे में पूछा तो ट्रंप ने कहा कि बुधवार सुबह ही उनकी वेंस से बात हुई है। उन्होंने उस बातचीत को अच्छा बताया। ट्रंप ने कहा कि वह जानते हैं कि वेंस इस मुद्दे पर क्या सोचते हैं। लेकिन उनकी नजर में ईरान पर लिया गया निर्णय बिल्कुल सही था। इस बीच चुनाव के शुरुआती आंकड़े बता रहे हैं कि डेमोक्रेट पार्टी को प्रतिनिधि सभा और सीनेट, दोनों में स्पष्ट और बड़ा बहुमत मिलने जा रहा है। यह हार रिपब्लिकन पार्टी के लिए सिर्फ सीटों का नुकसान नहीं है। बल्कि ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की नीतियों पर जनता की नाराजगी का संकेत भी माना जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या वेंस और ट्रंप के बीच यह मतभेद आने वाले दिनों में और गहरा होग। और क्या इसका असर 2028 की राष्ट्रपति पद की दौड़ पर पड़ेगा।
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