शेख हसीना का बड़ा ऐलान: हर हाल में वतन लौटूंगी, अपनी ही मिट्टी पर मरना पसंद करूंगी

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने एक बार फिर अपना निर्णय साफ कर दिया है। कि वे निर्वासन से अपने देश लौटने के फैसले पर कायम हैं। 2024 में हुए बड़े जनआंदोलन के बाद सत्ता से हटकर भारत में रह रहीं हैं हसीना। उन्होंने कहा है कि अगले महीने वे हर हाल में बांग्लादेश वापस जाएंगी। भले ही वहां उन्हें गिरफ्तारी या मौत की सजा का सामना करना पड़े। हसीना ने समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस (एपी) को ईमेल के जरिए दिए गए जवाब में अपनी भावनाएं जाहिर कीं।
अपने ही देश की मिट्टी पर मरना कुबूल
उन्होंने कहा कि अगर उनकी किस्मत में मौत लिखी है तो वे अपने ही देश की मिट्टी पर, अपने ही लोगों के बीच मरना पसंद करेंगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि बांग्लादेश लौटने का उनका फैसला बदला नहीं है। उन्होने अपने फैसले पर जोर देते हुए बताया कि उनका फैसला पक्का है और वो इस पर अमल जरूर करेंगी।
दिसंबर में वापसी का पहले से ऐलान
बता दें कि हसीना ने पहली बार इसी साल अगस्त में दिसंबर में देश लौटने के इरादे का जिक्र किया था। अब उन्होंने एक बार फिर उस इरादे को दोहराया है। पिछले हफ्ते उनसे कुछ सवाल पूछे गए थे, जिनका जवाब उन्होंने बुधवार को दिया।2009 से 2024 तक लगातार वे बांग्लादेश की प्रधानमंत्री रहीं। हसीना ने हालांकि यह नहीं बताया कि वे भारत से बांग्लादेश कैसे और कब जाएंगी। उनकी वापसी की योजना को लेकर अभी भी रहस्य बना हुआ है।
मौत की सजा का मामला
हसीना का यह बयान ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश के एक विशेष न्यायाधिकरण ने उन्हें मानवता के खिलाफ अपराध के मामले में मौत की सजा सुनाई हुई है। वर्ष 2025 में आए इस फैसले में अदालत ने उन्हें प्रदर्शनकारियों पर हुई घातक कार्रवाई के लिए जिम्मेदार ठहराया था। अदालत का मानना था कि हसीना के आदेश पर हुई कार्रवाई में सैकड़ों लोगों की जान गई और हजारों लोग घायल हुए। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के मुताबिक, उस दौरान करीब 1,400 लोगों की मौत हुई थी। हालांकि हसीना ने हमेशा से किसी भी तरह की गलत कार्रवाई से इनकार किया है। उन्होंने न्यायाधिकरण के फैसले को भी मानने से इनकार कर दिया है और इस मुकदमे की वैधता को ही चुनौती दी है।
भारत ने ठुकराई प्रत्यर्पण की मांग
छात्रों के नेतृत्व वाले आंदोलन के बाद सत्ता से हटने पर हसीना भारत आ गई थीं और तब से वहीं रह रही हैं। बांग्लादेश की मौजूदा सरकार ने कई बार भारत से उनके प्रत्यर्पण की मांग की है, लेकिन भारत ने अब तक उन्हें सौंपने से इनकार कर दिया है। ऐसे में हसीना की वापसी को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। बांग्लादेश पहुंचते ही उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। इसके बावजूद हसीना का कहना है कि वे अपने फैसले से पीछे नहीं हटेंगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि हसीना की वापसी का ऐलान बांग्लादेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर सकता है। उनकी वापसी से देश में उनके समर्थकों में उत्साह बढ़ सकता है, वहीं विरोधियों के लिए यह एक बड़ी चुनौती बन सकती है। अब सबकी नजर दिसंबर पर टिकी है कि क्या हसीना वाकई अपने वादे के मुताबिक वतन लौटती हैं या नहीं।
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