नोबेल नहीं मिलने पर ट्रम्प की नाराजगी: नॉर्वे को बताया घटिया देश, नागरिकों के अमेरिका आने पर जताई आपत्ति

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिलने पर एक बार फिर नाराजगी जताई है। मिशिगन में एक चुनावी रैली के दौरान उन्होंने नॉर्वे की आलोचना करते हुए कहा कि वह वहां के लोगों को अमेरिका नहीं आने देना चाहते। ट्रम्प का दावा है कि उन्होंने आठ युद्ध रुकवाने में भूमिका निभाई, इसके बावजूद उन्हें शांति पुरस्कार से सम्मानित नहीं किया गया। उन्होंने फ्रांस में हाल में हुई हिंसा के लिए प्रवासियों को जिम्मेदार ठहराने के बाद नॉर्वे को भी निशाने पर लिया और उसे घटिया देश बताया।
ट्रम्प लंबे समय से कहते रहे हैं कि उनके कूटनीतिक प्रयासों के लिए उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब उनके सामने ईरान और यूक्रेन के युद्ध सुलझाने की चुनौती बाकी है। ट्रम्प के मुताबिक, पुरस्कार की घोषणा से पहले उन्हें उम्मीद थी कि यह सम्मान उन्हें मिलेगा। उन्होंने अपनी पत्नी से भी कहा था कि नोबेल शांति पुरस्कार मिलना उनके लिए सम्मान की बात होगी। नौ अक्टूबर को भी उन्होंने दावा किया था कि आठ युद्ध खत्म कराने में मदद के लिए उन्हें एक नहीं, बल्कि आठ नोबेल पुरस्कार मिलने चाहिए थे।
पुरस्कार का फैसला सरकार नहीं करती
नोबेल शांति पुरस्कार के चयन में नॉर्वे की सरकार की सीधी भूमिका नहीं होती। विजेता का फैसला स्वतंत्र नॉर्वेजियन नोबेल समिति करती है। इसमें पांच सदस्य होते हैं, जिन्हें नॉर्वे की संसद नियुक्त करती है। नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गार स्टोर पहले भी ट्रम्प को स्पष्ट कर चुके हैं कि पुरस्कार का निर्णय सरकार नहीं करती।
2018 से पुरस्कार पर जता रहे दावेदारी
ट्रम्प ने अक्टूबर 2018 में भी नोबेल शांति पुरस्कार का जिक्र किया था। उस समय उन्होंने कहा था कि उत्तर कोरिया और सीरिया में शांति कायम करने की कोशिशों के बावजूद शायद उन्हें यह पुरस्कार नहीं मिलेगा। फरवरी 2019 में उन्होंने दावा किया कि जापान के तत्कालीन प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने उन्हें पुरस्कार के लिए नामित किया था। उसी साल उन्होंने कहा कि निष्पक्ष तरीके से पुरस्कार दिया जाए तो उन्हें कई क्षेत्रों में सम्मान मिल सकता है। 2020 के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान उन्होंने बराक ओबामा से तुलना करते हुए भी नोबेल का मुद्दा उठाया था।
पुरस्कार को लेकर पहले भी जताई नाराजगी
जुलाई 2025 में नॉर्वे के वित्त मंत्री जेन्स स्टोल्टेनबर्ग से फोन पर बातचीत के दौरान भी ट्रम्प ने पुरस्कार पाने की इच्छा जताई थी। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, 2026 में दक्षिण अफ्रीका की नवी पिल्लै को नोबेल शांति पुरस्कार मिलने पर भी उन्होंने नाराजगी जताई और कहा था कि उन्हें कोई नहीं जानता।
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