बांग्लादेश में डेंगू का प्रकोप: भारत में भी बढ़ी चिंता, एक हफ्ते में गई 36 लोगों की जान

भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश में इस समय डेंगू का प्रकोप बेहद गंभीर और चिंताजनक रूप ले चुका है। स्वास्थ्य मंत्रालय (डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस साल की शुरुआत से अब तक 90,350 से अधिक लोग डेंगू के कारण अस्पतालों में भर्ती हो चुके हैं, जबकि इस जानलेवा बीमारी से 281 लोगों की मौत हो चुकी है।
अक्टूबर महीने के शुरुआती दिनों में ही डेंगू की रफ्तार तेजी से बढ़ी है, जहां सिर्फ इस महीने में 10,736 लोग अस्पताल पहुंचे और 36 मरीजों की जान चली गई। बांग्लादेश के इतिहास में यह सालाना मौतों के लिहाज से चौथा सबसे बड़ा आंकड़ा बन चुका है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि मानसून के बाद जमा हुए पानी और बढ़ते मच्छरों के कारण आने वाले दिनों में यह स्थिति और भी भयावह हो सकती है।
देरी से इलाज पड़ रहा भारी
संस्था 'इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी डिजीज कंट्रोल एंड रिसर्च' की डेथ रिव्यू रिपोर्ट के अनुसार, एक सबसे डराने वाला ट्रेंड यह सामने आया है कि अस्पताल में भर्ती होने के महज 24 घंटे के भीतर एक-तिहाई से अधिक मरीजों की मौत हो रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि लोग लक्षणों को सामान्य बुखार समझकर इलाज में देरी कर रहे हैं, जिससे संक्रमण गंभीर रूप ले लेता है। रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे ज्यादा मौतें डेंगू शॉक सिंड्रोम (62.5%), एक्सपेंडेड डेंगू सिंड्रोम (31.2%) और ब्लीडिंग (16.1%) के कारण हो रही हैं।
भारत में भी बढ़ी चिंता, यूपी-दिल्ली में अलर्ट
बांग्लादेश में फैले इस भयंकर प्रकोप के बीच, भारत के सीमावर्ती और नजदीकी राज्यों में भी स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। मानसून का सीजन थमते ही भारत के कई हिस्सों जैसे दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश में डेंगू और मलेरिया के मामले सामने आने लगे हैं। जलभराव वाले हॉटस्पॉट इलाकों में नगर निगम और स्वास्थ्य टीमों द्वारा फॉगिंग व एंटी-लावा छिड़काव की निगरानी बढ़ा दी गई है।
डेंगू से बचाव के उपाय
डेंगू से बचाव के लिए घर के आसपास, कूलर, गमलों या पुराने टायरों में पानी जमा न होने दें। सोते समय हमेशा मच्छरदानी का उपयोग करें। शरीर को ढकने वाले और पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें। तेज बुखार, आंखों के पीछे दर्द, जोड़ों में दर्द या उल्टी जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें, खुद से दवाइयां लेने से बचें।
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