पटाखों के जहरीले धुएं से दूर रहे गर्भवती महिलाएं: सावधानी नहीं बरती तो बच्चे की सेहत होगी खराब, झेलना पड़ सकता है बड़ा नुकसान

सावधानी नहीं बरती तो बच्चे की सेहत होगी खराब, झेलना पड़ सकता है बड़ा नुकसान

दिवाली खुशियों और रोशनी का त्योहार है, लेकिन गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को इस उत्सव में थोड़ी अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होती है। इस समय लापरवाही बरतने से न केवल मां बल्कि होने वाले बच्चे की सेहत पर भी बुरा असर पड़ सकता है। पटाखों के जहरीले धुएं, तेज शोर और खान-पान में असंतुलन के कारण कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं खड़ी हो सकती हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स और डॉक्टरों के मुताबिक, गर्भवती महिलाओं को दिवाली के जश्न के दौरान महत्वपूर्ण सावधानियों का पालन करना चाहिए।

पटाखों से निकलने वाले धुएं में कार्बन डाइऑक्साइड, नाइट्रस ऑक्साइड और भारी धातुएं होती हैं, जो फेफड़ों को नुकसान पहुंचाती हैं। यदि बाहर प्रदूषण या धुएं का स्तर बहुत ज्यादा है, तो खिड़कियां बंद करके घर के अंदर ही रहें। बहुत जरूरी होने पर ही बाहर निकलें और अच्छी फिटिंग वाले मास्क का उपयोग करें। गर्भ में पल रहा बच्चा बाहर की आवाजें सुन सकता है। 85 डेसिबल से अधिक का तेज शोर मां को तनाव दे सकता है और बच्चे के विकास को प्रभावित कर सकता है। तेज धमाके वाले पटाखों से सुरक्षित दूरी बनाकर रखें और शांत माहौल में त्योहार मनाएं।

मिठाइयों का सीमित मात्रा में करें सेवन

दिवाली पर मिठाइयों और तली-भुनी चीजों का सेवन सीमित करें। ज्यादा चीनी से गर्भावस्था के दौरान होने वाली शुगर का खतरा बढ़ जाता है। अपनी डाइट में हरी सब्जियां, ताजे फल, दालें और नट्स शामिल करें। बाजार की खुली और मिलावटी मिठाइयों से पूरी तरह परहेज करें। त्योहार की व्यस्तता में पानी पीना न भूलें। पर्याप्त मात्रा में पानी, नारियल पानी या ताजा जूस पीती रहें ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।

कपड़ों के चुनाव और दीये जलाते समय बरतें सावधानी

दिवाली पर नायलॉन या सिंथेटिक कपड़े पहनने से बचें, क्योंकि इनमें आग बहुत जल्दी पकड़ती है। हमेशा ढीले और आरामदायक सूती कपड़े ही पहनें। दीये या मोमबत्तियां जलाते समय शरीर का संतुलन न बिगड़े, इसलिए ज्यादा झुकने या भारी सामान उठाने से बचें।

पर्याप्त आराम और दवाइयां समय पर लें

त्योहार की भागदौड़ या घर की सफाई में खुद को ज्यादा न थकाएं। भारी काम दूसरों को सौंप दें। देर रात तक जागने से बचें और शरीर को पर्याप्त आराम दें। इसके अलावा, डॉक्टर द्वारा दी गई रूटीन दवाइयां और सप्लीमेंट्स समय पर लेना न भूलें। यदि त्योहार के दौरान सांस लेने में तकलीफ, जी मिचलाना, चक्कर आना या पेट में कोई भी असहजता महसूस हो, तो बिना देर किए तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

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