आजम खान को सुप्रीम कोर्ट से झटका: जमानत याचिका पर सुनवाई से किया इनकार , शीर्ष अदालत ने याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट भेजी

नई दिल्ली|

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज धनशोधन के नए मामले में एक विशेष फैसला आया है। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान को गुरुवार को उच्चतम न्यायालय से राहत नहीं मिली। शीर्ष अदालत ने उनकी जमानत याचिका पर सीधे सुनवाई करने से इनकार कर दिया। और मामले को इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पास भेज दिया है। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने यह आदेश दिया।

मामले में अंतरिम आदेश भी पारित किया जाए

पीठ ने उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से इस संबंध में आग्रह किया है। इस याचिका को 16 नवंबर को किसी खंडपीठ के सामने सुनवाई के लिए लगाया जाए। साथ ही शीर्ष अदालत ने यह भी कहा कि उसी दिन इस मामले में अंतरिम आदेश भी पारित किया जाए। ताकि खान को लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े।

कपिल सिब्बल ने लगाया बदले की कार्रवाई का आरोप

सुनवाई के दौरान आजम खान की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल पेश हुए। उन्होंने अदालत के सामने दलील दी कि ईडी की यह कार्रवाई पूरी तरह दुर्भावना से प्रेरित है। सिब्बल ने कहा कि आजम खान को एक मामले में रिहा किया जाने वाला था। तभी उन्हें दूसरे मामले में गिरफ्तार कर लिया गया। सिब्बल ने अदालत में कहा कि एजेंसी का मकसद सिर्फ इतना है कि आजम खान चुनाव के दौरान जेल में ही रहें। उन्होंने इस कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से की गई कार्रवाई बताया।

क्या है पूरा मामला?

खान के वकील ने अदालत को बताया कि 78 वर्षीय सपा नेता को जौहर ट्रस्ट से जुड़े धनशोधन के मामले में पेश किया। उन्हें एक नवंबर को गाजियाबाद की विशेष अदालत में पेश किया गया था। बता दें कि इससे पहले आजम खान कथित दोहरे पैन कार्ड वाले मामले में रामपुर जेल में बंद थे। उस मामले में उन्हें जमानत मिल गई थी। और 31 अक्टूबर को उनके रिहा होने की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान ईडी की टीम ने उन्हें धनशोधन के नए मामले में गिरफ्तार कर लिया। इस तरह जेल से बाहर आने से पहले ही वे फिर से हिरासत में आ गए।

अब हाईकोर्ट में होगी सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब आजम खान की जमानत याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट से 16 नवंबर को ही सुनवाई करने और उसी दिन अंतरिम आदेश देने को कहा है। इस फैसले के बाद आजम खान के समर्थकों को हाईकोर्ट से राहत की उम्मीद है। जबकि ईडी की ओर से इस मामले में सख्त विरोध जताए जाने की संभावना है। अब सबकी नजर 16 नवंबर की सुनवाई पर टिकी हुई है। जहां यह तय होगा कि आजम खान को इस मामले में अंतरिम जमानत मिलती है या नहीं।

नव्य जागरण

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