कांग्रेस का केंद्र पर बड़ा हमला: 'वोट चोरी तो सिर्फ ट्रेलर था, अब हक-हुकूक चोरी की तैयारी

सामाजिक कल्याण योजनाओं के लाभार्थियों की पहचान के तरीके को लेकर तकरार शुरू हो गई है। केंद्र सरकार और कांग्रेस के बीच नया विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि सरकार अब आधार कार्ड की जगह वोटर आईडी को तरजीह देने जा रही है। वोटर आईडी को लाभार्थियों की पहचान का आधार बनाने की तैयारी कर रही है। पार्टी ने इसे गरीबों के हक पर डाका डालने की कोशिश बताया है।
सरकार को घेरा
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने गुरुवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट के जरिए सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह ने पिछले कुछ दिनों में दो अलग-अलग मौकों पर यह बात कही है। कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों की पहचान के लिए नई व्यवस्था होगी। आधार के स्थान पर वोटर आईडी का इस्तेमाल किया जाएगा। रमेश ने सवाल उठाया कि क्या यह बयान अब मोदी सरकार की आधिकारिक नीति बन चुकी है? उन्होंने कहा कि अगर सरकार वाकई इस दिशा में आगे बढ़ रही है तो उसे इस बारे में देश के सामने साफ-साफ जवाब देना चाहिए।
आधार के मूल उद्देश्य से भटकने का आरोप
जयराम रमेश ने कहा कि आधार को एक मकसद से बनाया गया था। अगर वोटर आईडी को उसकी जगह लाया गया तो आधार का वह मूल उद्देश्य ही खत्म हो जाएगा। उन्होंने याद दिलाया कि आधार को खास तौर पर पहचान के एक सार्वभौमिक साधन के रूप में तैयार किया गया था। ताकि हर नागरिक तक योजनाओं का लाभ पहुंच सके। कांग्रेस नेता के अनुसार, आधार के इस्तेमाल के तरीके को लेकर पहले भी कई तरह की चिंताएं सामने आती रही हैं। उन्होंने कहा कि आधार से जुड़ी तकनीकी खामियों और सत्यापन में गड़बड़ी होती रही है। जिसके कारण पहले ही लाखों लोग सामाजिक कल्याण और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभ से वंचित हो चुके हैं।
एसआईआर से जुड़ी आशंका
रमेश ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर भी अपनी चिंता जताई। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि अगर एसआईआर को लाभार्थियों की पहचान का आधार बनाया जाएगा। ऐसा हुआ तो बड़े पैमाने पर लोगों को योजनाओं के दायरे से बाहर कर दिया जाएगा। उनका कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण में हुई छोटी-सी गलती भी किसी गरीब परिवार को राशन, पेंशन या अन्य सहायता से वंचित कर सकती है।
वोट चोरी तो सिर्फ ट्रेलर है
उन्होंने अपने पोस्ट के अंत में तीखे अंदाज में लिखा कि वोट चोरी तो सिर्फ ट्रेलर है, पूरी फिल्म हक-हुकूक चोरी की है। कांग्रेस का यह बयान उसके उस अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। जिसमें पार्टी लगातार चुनाव प्रक्रिया और सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी का आरोप लगाती रही है।
सरकार से मांगा स्पष्टीकरण
कांग्रेस ने केंद्र सरकार से मांग की है कि वह इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट करे। पार्टी का कहना है कि अगर वोटर आईडी को पहचान का आधार बनाया गया तो यह गलत होगा। क्योंकि इसका सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जिनके नाम किसी कारण से मतदाता सूची में नहीं हैं। या जिनके वोटर कार्ड में त्रुटियां हैं। ऐसे में वे लोग कल्याणकारी योजनाओं से भी बाहर हो जाएंगे। जबकि उन्हें सबसे ज्यादा मदद की जरूरत है। फिलहाल सरकार की ओर से इस मुद्दे पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन कांग्रेस के इस हमले के बाद यह मुद्दा राजनीतिक बहस का नया केंद्र बन गया है।
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