जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन: संस्थापक अभिजीत दीपके भी पहुंचे, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने शनिवार को राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन किया। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके भी इस दौरान मौजूद रहे। प्रदर्शन में देश के विभिन्न राज्यों से आए हजारों समर्थकों ने भाग लिया। प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की।
जानकारी के अनुसार अभिजीत दीपके शनिवार सुबह करीब 7:45 बजे अमेरिका से दिल्ली पहुंचे। एयरपोर्ट से बाहर आने के बाद उन्होंने हाथ में डॉ. भीमराव आंबेडकर की पुस्तक लेकर समर्थकों का अभिवादन किया। इसके बाद वे सीधे जंतर-मंतर पहुंचे। जहां पहले से बड़ी संख्या में समर्थक एकत्र थे। पार्टी का यह पहला बड़ा सार्वजनिक प्रदर्शन बताया जा रहा है। आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी गई और पुलिस बल की तैनाती की गई।
परीक्षा अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन
सीजेपी का कहना है कि एनईईटी-यूजी पेपर लीक प्रकरण सहित विभिन्न भर्ती एवं प्रवेश परीक्षाओं में सामने आई अनियमितताओं ने लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुधार की मांग की। पार्टी ने विशेष रूप से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आवाज बुलंद की।
समर्थकों के लिए जारी की गई थी गाइडलाइन
प्रदर्शन से पहले पार्टी की ओर से समर्थकों के लिए दिशा-निर्देश भी जारी किए गए थे। इसमें प्रतिभागियों से समय पर पहुंचने, धूप से बचाव के लिए आवश्यक तैयारी करने तथा हाथ में तिरंगा, पुस्तक और फूल लेकर आने की अपील की गई थी। जंतर-मंतर पर दिनभर प्रदर्शन और सभा का कार्यक्रम जारी रहा। प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। आयोजकों का कहना है कि युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर आगे भी अभियान जारी रहेगा।
अपडेट्स
अभिजीत बोले- शिक्षामंत्री को देना चाहिए इस्तीफा
अभिजीत दीपके ने दिल्ली एयरपोर्ट से बाहर निकलते ही धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। अभिजीत ने कहा- शिक्षामंत्री को इस्तीफा देना चाहिए। अब तक पांच स्टूडेंट सुसाइड कर चुके हैं।











