डीयू में चार केंद्रीय पदों के लिए मतदान शुरू: सुरक्षा में 2000 से ज्यादा जवान तैनात, हॉस्टल-सुरक्षा बने बड़े मुद्दे
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) के चार केंद्रीय पदों और महाविद्यालय प्रतिनिधियों के चुनाव के लिए शुक्रवार सुबह मतदान शुरू हो गया। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पद के लिए मतदान दो पालियों में कराया जा रहा है। दिन की कक्षाओं वाले विद्यार्थी सुबह 8:30 बजे से दोपहर एक बजे तक वोट डाल सकेंगे, जबकि शाम की कक्षाओं वाले कॉलेजों में दोपहर तीन बजे से शाम 7:30 बजे तक मतदान होगा। चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप), भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) और अखिल भारतीय छात्र संघ (आइसा)-स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) गठबंधन समेत प्रमुख छात्र संगठन मैदान में हैं।
विश्वविद्यालय अधिकारियों के अनुसार चुनाव के लिए कुल 1,000 इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) लगाई गई हैं। इनमें 960 ईवीएम का इस्तेमाल मतदान के लिए किया जाएगा, जबकि 40 मशीन रिजर्व रखी गई हैं। मुख्य चुनाव अधिकारी राज किशोर शर्मा ने बताया कि मतदान के दौरान 12 नियंत्रण कक्ष सक्रिय रहेंगे। ईवीएम में किसी तरह की तकनीकी खराबी आने पर उसे तत्काल दूर करने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की टीम भी उपलब्ध रहेगी। मतदान समाप्त होने के बाद सभी ईवीएम को पुलिस सुरक्षा में नॉर्थ कैंपस स्थित यूनिवर्सिटी स्पोर्ट्स स्टेडियम के बहुद्देश्यीय सभागार में ले जाया जाएगा। शनिवार को मतगणना के दौरान इन्हीं मशीनों को खोला जाएगा। विश्वविद्यालय के मुताबिक 19 सितंबर को मतगणना होनी है।

नॉर्थ और साउथ कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
मतदान को शांतिपूर्ण तरीके से कराने के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ और साउथ कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। पुलिस और अर्धसैनिक बलों के 2,000 से अधिक जवान तैनात किए गए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार सभी कॉलेजों और महत्वपूर्ण स्थानों के आसपास सुरक्षा का व्यापक इंतजाम किया गया है। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है। मतदान केंद्रों के आसपास लोगों की आवाजाही नियंत्रित करने, अनधिकृत भीड़ को रोकने और किसी भी तरह की झड़प की आशंका से निपटने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। पैदल गश्ती दल, मोटरसाइकिल दस्ते और पुलिस नियंत्रण कक्ष के वाहन भी लगातार निगरानी कर रहे हैं।
कैंपस के प्रमुख रास्तों पर पाबंदी
सुरक्षा व्यवस्था के तहत विश्वविद्यालय ने छात्र मार्ग, प्रोबिन रोड और विश्वविद्यालय मार्ग समेत प्रमुख रास्तों पर वाहनों की आवाजाही सीमित कर दी है। विश्वविद्यालय की ओर से जारी परामर्श के अनुसार ये पाबंदियां शुक्रवार और शनिवार को नतीजों की घोषणा तक लागू रहेंगी। पुलिस मतदान और मतगणना के दौरान प्रवेश एवं निकास द्वारों, विद्यार्थियों की आवाजाही और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन तथा कॉलेज प्रबंधन के साथ समन्वय कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मतदान केंद्रों के आसपास भीड़ प्रबंधन पर विशेष नजर रखी जा रही है, ताकि चुनाव प्रक्रिया बिना किसी व्यवधान के पूरी हो सके।
चर्चा में छात्र आवास का मुद्दा
इस बार डूसू चुनाव प्रचार में छात्र कल्याण, कैंपस की सुविधाएं, छात्रावासों में रहने की व्यवस्था और सुरक्षा प्रमुख मुद्दों के तौर पर उभरे हैं। सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद छात्रों की सुरक्षा और उनके रहने की व्यवस्था को लेकर सवाल प्रमुखता से उठे। इस हादसे में विद्यार्थियों समेत सात लोगों की मौत हुई थी। छात्र संगठनों ने चुनाव प्रचार के दौरान हॉस्टल, सुरक्षा और कैंपस सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता दी। छात्र आवास का मुद्दा इस चुनाव में खास तौर पर चर्चा में रहा है।

पिछले चुनाव में अभाविप को तीन पद
डूसू के पिछले चुनाव में अभाविप ने केंद्रीय पैनल के चार में से तीन पदों पर जीत दर्ज की थी, जबकि एनएसयूआई ने उपाध्यक्ष पद हासिल किया था। इस बार भी अभाविप, एनएसयूआई और आइसा-एसएफआई गठबंधन के बीच मुकाबला प्रमुख रूप से चर्चा में है। 2026 के चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए सात और उपाध्यक्ष पद के लिए पांच उम्मीदवार मैदान में हैं। कुल चार केंद्रीय पदों के लिए उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं।
शनिवार को होगी मतगणना
मतदान खत्म होने के बाद ईवीएम को पुलिस सुरक्षा में नॉर्थ कैंपस के यूनिवर्सिटी स्पोर्ट्स स्टेडियम स्थित बहुद्देश्यीय सभागार में रखा जाएगा। शनिवार को यहीं मतगणना होगी। पुलिसकर्मियों की तैनाती मतगणना के दौरान भी जारी रहेगी, ताकि परिणाम घोषित किए जाने की प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हो सके। विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस ने मतदान से लेकर मतगणना तक सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर समन्वय बनाए रखने की तैयारी की है।










