'वोट बचाओ' रैली से गायबों पर गिरी गाज: राजस्थान युवा कांग्रेस के 43 पदाधिकारी सस्पेंड, देशभर में हुई अनुशासनात्मक कार्रवाई

नई दिल्ली|
राजस्थान युवा कांग्रेस के 43 पदाधिकारी सस्पेंड, देशभर में हुई अनुशासनात्मक कार्रवाई

दिल्ली में हुई ‘इंडिया’ गठबंधन की रैली में शामिल नहीं होने की कीमत पदाधिकारियों को चुकानी पड़ी है। यह राजस्थान युवा कांग्रेस के 43 पदाधिकारियों को चुकानी पड़ी है। पार्टी ने इन सभी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबित किए गए नेताओं में 12 जिलाध्यक्ष भी शामिल हैं। पार्टी नेताओं ने गुरुवार को इस कार्रवाई की पुष्टि की। बताया गया है कि भारतीय युवा कांग्रेस ने देशभर में इस तरह की अनुशासनात्मक कार्रवाई की है।

दिल्ली रैली में नहीं पहुंचने पर कार्रवाई

इसके तहत राजस्थान के कई पदाधिकारियों पर कार्रवाई हुई है। जो एक नवंबर को नई दिल्ली में आयोजित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली में नहीं पहुंचे थे। रैली के बाद हुई समीक्षा में यह बात सामने आई। कि देश के कई राज्यों से कई पदाधिकारी रैली में शामिल होने नहीं आए थे। जिसके बाद नेतृत्व ने उनके खिलाफ सख्त कदम उठाने का फैसला किया।

प्रभारी और सह प्रभारी के हस्ताक्षर से जारी हुआ आदेश

निलंबन का आदेश राजस्थान युवा कांग्रेस के प्रभारी विकास चिकारा और सह प्रभारी ज्ञानेश शुक्ला के हस्ताक्षर से जारी किया गया है। आदेश में कहा गया है कि दिल्ली में आयोजित ‘रामलीला मार्च’ में अनुपस्थिति को गंभीरता से लिया गया। भारतीय युवा कांग्रेस के नेतृत्व ने राजस्थान युवा कांग्रेस के इन पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का निर्णय लिया है।

कौन-कौन से जिलाध्यक्ष हुए निलंबित?

निलंबित किए गए 12 जिलाध्यक्षों में राजसमंद से चिराग पालीवाल, जालोर से विकास मांजू, बीकानेर से राजेश गोदारा, बारां से रामेश्वर बैरवा, बांसवाड़ा से पृथ्वीराज मालवीय, डूंगरपुर से अरविंद यादव, बीकानेर शहर से रामदयाल बेनीवाल, प्रतापगढ़ से मोहम्मद शकील, बालोतरा से सुरेश माली, डीग से हसन खान, चूरू से आसिफ खान और ब्यावर से प्रवीण सिखवाल शामिल हैं।इनके अलावा 31 अन्य प्रदेश पदाधिकारियों को भी निलंबित किया गया है। इस तरह कुल 43 पदाधिकारियों पर कार्रवाई हुई है।

संगठन में अनुशासन का संदेश

राजस्थान युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल अभिषेक चौधरी ने इस कार्रवाई को संगठन को अनुशासित बनाने की कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई किसी व्यक्ति विशेष, जिले या राज्य के लिए नहीं की गई है। बल्कि एक अनुशासित व्यवस्था खड़ी करने की कवायद है। युवा कांग्रेस के एक नेता ने बताया कि रैली जैसे बड़े कार्यक्रम में सभी पदाधिकारियों की मौजूदगी जरूरी होती है। अगर पदाधिकारी ही कार्यक्रम से दूर रहेंगे तो कार्यकर्ताओं में गलत संदेश जाएगा। इसलिए नेतृत्व ने यह सख्त संदेश दिया है। यह कि संगठन में अनुशासन से कोई समझौता नहीं होगा। इस कार्रवाई के बाद राजस्थान युवा कांग्रेस में हलचल तेज हो गई है। निलंबित पदाधिकारियों के समर्थकों में नाराजगी भी देखी जा रही है, वहीं एक धड़ा इसे संगठन को मजबूत करने वाला कदम बता रहा है।

नव्य जागरण

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