बाराखंभा से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च पर सीजेआई की सख्त टिप्पणी: राहुल गांधी समेत 14 को नोटिस, कहा-सुप्रीम कोर्ट को डरा नहीं सकते

सुप्रीम कोर्ट ने बाराखंभा रोड से सुप्रीम कोर्ट तक निकाले गए मार्च मामले में राहुल गांधी और कांग्रेस को नोटिस जारी किया है। सीजेआई सूर्यकांत ने गुरुवार को कहा कि कोई भी सुप्रीम कोर्ट को डराने या धमकाने की कोशिश नहीं कर सकता। कोर्ट ने केंद्र और चुनाव आयोग को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
सुप्रीम कोर्ट में एसआईआर के विरोध प्रदर्शन और मार्च से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने सख्त टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कोई भी सुप्रीम कोर्ट को डराने या धमकाने की कोशिश नहीं कर सकता। राहुल गांधी और 13 अन्य की याचिका पर कोर्ट ने केंद्र और चुनाव आयोग (ईसीआई) को भी नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है।सुप्रीम कोर्ट ने राहुल का नाम लिए बिना यह भी कहा कि याचिकाकर्ताओं में से एक से उसके आचरण के बारे में सवाल करना चाहते हैं। उन्हें सफाई देनी होगी। याचिका दायर करने से पहले इंडिया ब्लॉक ने 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया था।
सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश
वकील गौरव भाटिया ने सुप्रीम कोर्ट से उन सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित करवाने के लिए अंतरिम आदेश देने की मांग की जो राहुल के सुप्रीम कोर्ट पहुंचने के हैं। आरोप है कि तब उन्होंने गर्भवती महिला पत्रकार को धक्का दिया था। इस पर जस्टिस बागची ने सभी कानूनी एजेंसियों को सीसीटीवी और अन्य डिजिटल फुटेज सुरक्षित रखने का निर्देश दिया। यह भी कहा गया है कि इन्हें कोई भी आकर जमा करा सकता है। प्रदर्शन बुलाने वालों की जिम्मेदारी तय करने की मांग वाली याचिका पर सीजेआई सूर्यकांत ने नोटिस जारी किया है। इसमें मांग की गई है कि प्रदर्शन बुलाने वाला व्यक्ति दूसरों पर पड़ने वाले परिणामों की जिम्मेदारी भी ले।
केरल कांग्रेस की पोस्ट को सीजेआई की अवमानना बताया
राहुल गांधी के सुप्रीम कोर्ट परिसर में मार्च को चुनौती देते हुए याचिका दायर की गई है। इसमें केरल कांग्रेस के सोशल मीडिया पोस्ट को कोर्ट की अवमानना बताते हुए कार्रवाई की मांग की गई है। याचिका के मुताबिक यह पोस्ट सीजेआई के खिलाफ थी। यह पोस्ट डिलीट की जा चुकी है। विपक्ष की तरफ से यह याचिका चीफ जस्टिस सूर्यकांत के मिलने से इनकार के बाद दाखिल की गई थी। 11 अक्टूबर को विपक्षी सांसदों ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत को पत्र लिखा था और ज्ञापन सौंपने के लिए समय मांगा था। सीजेआई ने मना कर दिया था। फिर राहुल, प्रियंका और खड़गे समेत अन्य विपक्षी सांसद 12 अक्टूबर की शाम अचानक सुप्रीम कोर्ट के अंदर पहुंच गए। उससे पहले सांसदों ने दिल्ली के बाराखंभा रोड से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला था।
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