दिल्ली में 'सेव डेमोक्रेसी मार्च' के दौरान सपा प्रमुख अखिलेश यादव हिरासत में: कार्यकर्ताओं का फूटा गुस्सा, प्रदेश भर में उग्र प्रदर्शन शुरू
मंगलवार को दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दलों के 'सेव डेमोक्रेसी मार्च' के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को पुलिस हिरासत में ले लिया गया। अखिलेश यादव के साथ टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी और विपक्ष के कई अन्य सांसदों को भी दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया। इस खबर के सामने आते ही पूरे उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा और प्रदेश भर में उग्र प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। विपक्षी दलों और सपा का आरोप है कि चुनाव आयोग निष्पक्षता से काम नहीं कर रहा है और मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी व वोट काटे जाने की शिकायतें आ रही हैं।
राजधानी लखनऊ के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र हजरतगंज चौराहे पर सैकड़ों की संख्या में सपाई सड़कों पर उतर आए। कार्यकर्ताओं ने भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर "लोकतंत्र की हत्या" करने का आरोप लगाते हुए 'वोट चोर इस्तीफा दो' के नारे लगाए। विधानसभा मार्ग और हजरतगंज में प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया, जिसके बाद पुलिस और सपाइयों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने कई प्रदर्शनकारी नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया है।
गोरखपुर के अंबेडकर चौक पर सपाइयों ने जमकर की नारेबाजी
गोरखपुर में भी अखिलेश यादव की हिरासत की खबर मिलते ही कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिला। सपा के कार्यवाहक जिलाध्यक्ष बृजेश कुमार गौतम और महानगर के पूर्व अध्यक्ष शब्बीर कुरैशी की अगुवाई में भारी संख्या में कार्यकर्ताओं ने अंबेडकर चौक को पूरी तरह जाम कर दिया। हाथों में पोस्टर-बैनर लिए सपाइयों ने जमकर नारेबाजी की और मुख्य चुनाव आयुक्त के तत्काल इस्तीफे की मांग की। इसी दौरान गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से सपा प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी भी नामांकन प्रक्रिया पूरी करने के बाद सीधे धरना स्थल पहुंचे और कार्यकर्ताओं के साथ जमीन पर बैठकर विरोध दर्ज कराया।
प्रदेश के अन्य जिलों में भी प्रदर्शन तेज
लखनऊ और गोरखपुर के अलावा आगरा, देवरिया और फतेहाबाद सहित यूपी के तमाम जिलों से प्रदर्शनों की खबरें आ रही हैं। आगरा के शहीद स्मारक पर सपाइयों ने सीईसी का पुतला फूंकने की कोशिश की, जहां पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प हुई। देवरिया के सुभाष चौक पर सपा जिलाध्यक्ष ब्यास यादव की अगुवाई में सपाई धरने पर बैठ गए हैं और उन्होंने ऐलान किया है कि जब तक अखिलेश यादव को रिहा नहीं किया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।
पसीने और संघर्ष से नहीं डरते समाजवादी-अखिलेश यादव
हिरासत में लिए जाने के बाद बस के अंदर से सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा, "हमें ज्ञानेश कुमार के पास ही ले जाया जा रहा है, जो खुद आकर हमें अपना इस्तीफा सौंपेंगे"। वहीं पुलिस बैरिकेडिंग पर चढ़ रहे पार्टी के युवा सांसदों का हौसला बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि "समाजवादी लोग पसीने और संघर्ष से नहीं घबराते हैं।" उन्होंने यह भी साफ किया कि अब विपक्ष का यह आंदोलन थमने वाला नहीं है और सड़क से लेकर सदन तक यह लड़ाई जारी रहेगी।
फिलहाल और खबरें उपलब्ध नहीं हैं।

