आगरा में आठ इंच की पाइपलाइन फटी: समंदर में तब्दील हुई सड़के,लाखों लीटर शुद्ध गंगाजल बहकर बर्बाद

आगरा के शाहगंज क्षेत्र में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब सिकंदरा वाटरवर्क्स से शाहगंज जोनल पंपिंग स्टेशन को जाने वाली आठ इंच की मुख्य पाइपलाइन अचानक फट गई। इस हादसे के कारण कुछ ही मिनटों में पक्षीघर से लेकर जूता मंडी तक की सड़क समंदर में तब्दील हो गई। लाखों लीटर शुद्ध गंगाजल सड़कों पर बहकर बर्बाद हो गया।
हादसे वाली जगह पर सीएम ग्रिड योजना के तहत डक्ट निर्माण के लिए ठेकेदार द्वारा सड़क की खुदाई की गई थी। पाइपलाइन फटने के बाद पानी के तेज बहाव और दबाव के कारण खुदाई वाला हिस्सा गहरे गड्ढे में तब्दील होकर धंस गया। पहले से ही एक लेन पर बैरिकेडिंग होने की वजह से कोठी मीना बाजार मार्ग पर भीषण जाम लगा रहा और गाड़ियां रेंग-रेंग कर निकलने को मजबूर हुईं।
इन इलाकों में ठप रही जलापूर्ति
गंगाजल की इस मुख्य लाइन के क्षतिग्रस्त होने से आगरा के कई प्रमुख क्षेत्रों की पानी सप्लाई ठप हो गई है। सबसे ज्यादा असर शाहगंज, जयपुर, कोठी मीना बाजार, पक्षीघर, सोरों कटरा और आसपास की अन्य घनी आबादी वाली कॉलोनियों पर पड़ा हैं। बुधवार सुबह इन क्षेत्रों के हजारों घरों के नलों में पानी की एक बूंद तक नहीं आई, जिसके कारण लोगों को सुबह के घरेलू कामों के लिए निजी सबमर्सिबल पंपों और पानी के टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ा।

जलकल विभाग की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए जलकल विभाग के महाप्रबंधक कुमार गौरव ने तुरंत तकनीकी टीम को मौके पर रवाना किया। पानी की बर्बादी रोकने के लिए सबसे पहले मुख्य वाल्व को बंद किया गया और लाइन में जमा पानी को निकालने के लिए डी-वाटरिंग की प्रक्रिया शुरू की गई।

गुरुवार तक खिंच सकता है पानी का संकट
विभाग के अनुसार, मंगलवार रात से ही युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य जारी है, लेकिन बुधवार दोपहर तक भी लाइन को पूरी तरह ठीक नहीं किया जा सका। अधिकारियों का दावा है कि बुधवार देर शाम तक पाइपलाइन को जोड़कर जलापूर्ति बहाल करने की पूरी कोशिश की जा रही है, हालांकि कुछ ऊंचाई वाले और दूरदराज के इलाकों में पानी का संकट गुरुवार तक भी खिंच सकता है।
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