अमेठी में वाराणसी-लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस पर पथराव: ट्रेन मैनेजर गंभीर रूप से घायल, अमेठी स्टेशन पर 12 मिनट रुकी रही ट्रेन

उत्तर प्रदेश में चलती ट्रेनों पर पथराव की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। हाल ही में वाराणसी से लखनऊ जा रही वाराणसी-लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस पर कुछ शरारती लोगों ने पथराव कर दिया। इस अचानक हुए हमले में ट्रेन के शीशे चकनाचूर हो गए और ड्यूटी पर तैनात ट्रेन मैनेजर हरिकेश गंभीर रूप से घायल हो गए।
मिली जानकारी के अनुसार, घायल ट्रेन मैनेजर हरिकेश मूल रूप से रायबरेली के रहने वाले हैं। पथराव की इस अचानक हुई घटना के बाद उन्होंने सूझबूझ दिखाई और तुरंत वॉकी-टॉकी के जरिए स्टेशन अधीक्षक और ट्रेन के मुख्य चालक को हादसे की जानकारी दी। घटना की खबर मिलते ही रेलवे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया और ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई।
अस्पताल में कराया गया भर्ती
जैसे ही इंटरसिटी एक्सप्रेस अमेठी रेलवे स्टेशन पर पहुंची, वहां पहले से मौजूद रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की टीम ने तत्परता दिखाई। आरपीएफ कर्मियों ने घायल ट्रेन मैनेजर को तुरंत ट्रेन से उतारा और इलाज के लिए पास के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमेठी पहुंचाया, जहां उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया।
यात्री रहे सुरक्षित
गनीमत यह रही कि इस पथराव में किसी भी यात्री को चोट नहीं आई है। हालांकि, घायल गार्ड को अटेंड करने और कागजी कार्रवाई के चलते ट्रेन अमेठी स्टेशन पर करीब 12 से 15 मिनट तक खड़ी रही, जिससे यात्रियों को थोड़ी देरी का सामना करना पड़ा। प्राथमिक उपचार मिलने के बाद ट्रेन मैनेजर ने खुद थाने जाकर मामले की शिकायत की।
जीआरपी ने दर्ज किया मुकदमा
ट्रेन मैनेजर की तहरीर पर जीआरपी (राजकीय रेलवे पुलिस) ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ कानून की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस और आरपीएफ की संयुक्त टीमें ट्रैक के आसपास के इलाकों में जांच कर रही हैं ताकि पत्थरबाजी करने वाले असामाजिक तत्वों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके। रेलवे अधिकारियों ने एक बार फिर जनता से अपील की है कि वे राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान न पहुंचाएं और ऐसी किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत सुरक्षा बलों को दें।
फिलहाल और खबरें उपलब्ध नहीं हैं।

