अब ओवैसी ने सीएम और पूर्व सीएम को दिया चैलेंज: बोले-योगी संभल और अखिलेश गोरखपुर से चुनाव लड़कर दिखाएं, जनता और एआईएमआईएम दोनों को हरा देगी

आजमगढ़|

चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक पार्टियों की हलचल बढ़ गई है। नेताओं के बीच जुबानी जंग भी छिड़ गई है। बैठकें और जनसभाएं भी शुरू हो गई हैं। जीत के लिए सभी दावे कर रहे हैं। अब तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सपा अध्यक्ष अ​खिलेश यादव एक-दूसरे को अयोध्या से चुनाव लड़ने का चैलेंज दे रहे थे। इसमें अब एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी भी कूद पड़े। उन्होंने खुला चैलेंज देते हुए कहा कि सीएम योगी संभल और पूर्व सीएम अखिलेश गोरखपुर से चुनाव लड़कर दिखाएं। दोनों नहीं जीत पाएंगे। उन्होंने कहा कि सीएम योगी और पूर्व सीएम अखिलेश के बीच सेटिंग हो चुकी है। दोनों अयोध्या को फुटबॉल की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। अयोध्या में पैसे की हेराफेरी हुई, चंदे को लेकर एसआईटी की रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई। अभी तक जो लोग पकड़े गए थे, उन्हें जमानत मिलने वाली है।

ओवैसी ने सपा और अ​खिलेश यादव पर निसाना साधा। कहा कि मुसलमानों ने दो-तीन पीढ़ियों तक सपा का साथ दिया लेकिन इससे उनका नुकसान हुआ। ओवैसी ने सवाल उठाया कि सपा ने आजमगढ़ को क्या दिया और शिबली कॉलेज को विश्वविद्यालय का दर्जा क्यों नहीं दिलाया। उन्होंने कहा कि अब मुसलमान दूसरों को नेता बनाने के बजाय खुद नेतृत्व करना और सत्ता में हिस्सेदारी चाहते हैं। ओवैसी ने दावा किया कि सपा इस बदलाव को समझ नहीं पा रही है। ओवैसी ने 2014, 2017, 2019, 2022 और 2024 के चुनावों का जिक्र करते हुए सपा की चुनावी रणनीति पर सवाल उठाए।

सपा-भाजपा और कांग्रेस पर साधा निशाना

आजमगढ़ की रैली में ओवैसी ने सपा, भाजपा और कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वह उत्तर प्रदेश में हुकूमत करने नहीं, बल्कि लोगों को नेता बनाने आए हैं। वहीं चुनाव आयोग पर तंज कसते हुए कहा कि जिस तरह जेवर एयरपोर्ट का नाम बदला गया, उसी तरह चुनाव आयोग का नाम बदलकर ‘प्रधानमंत्री जिताओ कमीशन’ कर देना चाहिए।

क्या बोले थे पूर्व सीएम अ​खिलेश?

बीते दिनों अखिलेश यादव ने सीएम योगी के बार-बार अयोध्या दौरे को लेकर सवाल उठाया था। उन्होंने कहा था कि वह अयोध्या से चुनाव क्यों नहीं लड़ लेते? रविवार को जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र में लोकनायक की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद सपा मु​खिया अ​खिलेश यादव ने पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि अहंकारी लोग पवन के झोंके में उड़ जाएंगे। किसका टिकट पहले तय किया गया? वह अयोध्या से पवन पांडेय हैं। उन्होंने कहा बताइए, क्या मुख्यमंत्री (चुनाव के) टिकट बांटते हैं? उन्हें (आदित्यनाथ को) भी टिकट पाने के लिए लाइन में लगना पड़ता है। इतना ही नहीं, उन्हें दूसरों को टिकट दिलाने के लिए भी गुहार लगानी पड़ती है। जिसे खुद यह पक्का नहीं है कि उसे टिकट मिलेगा या नहीं वह दूसरों को टिकट दिलाने की बात कर रहा है। पहले अपना टिकट पक्का करवाइए, फिर मुझे चुनौती दीजिए।'

क्या बोले थे सीएम योगी?

दो दिन पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने बलरामपुर में एक जनसभा के दौरान कहा था अयोध्या से चुनाव लड़ने की उनकी चुनौती स्वीकार है। सीएम योगी ने कहा था अखिलेश जी, अयोध्या हमारी पवित्र भूमि है। वहां के विकास में कोई कमी न रहे और उत्तर प्रदेश की पहचान किसी तरह खराब न हो यह सुनिश्चित करने के लिए मैं अयोध्या जाता हूं। यह हमारी आस्था और भक्ति का केंद्र है। हम वहां चुनाव लड़ने नहीं जाते, बल्कि वहां के सर्वांगीण विकास के लिए जाते हैं। उन्होंने कहा था कि अखिलेश जी आप भी अयोध्या से चुनाव लड़िए मैं भी लडूंगा देखा जाए किसमें कितना दम है।

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