बाराबंकी में चलती कार बनी आग का गोला: जिंदा जला कार चालक, सीट पर मिला कंकाल
बाराबंकी में शनिवार की सुबह एक रोंगटे खड़े कर देने वाला दर्दनाक हादसा हुआ, जहां एक चलती सीएनजी कार अचानक आग का गोला बन गई। आग इतनी भीषण थी कि कार चला रहे ड्राइवर प्रदीप कुमार वर्मा (26 वर्ष) को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला और वह जिंदा जल गए। दमकल कर्मियों ने जब तक आग पर काबू पाया, तब तक पूरी कार जलकर राख हो चुकी थी और ड्राइविंग सीट पर केवल जलती हुई हड्डियां ही बचीं।
यह दर्दनाक हादसा बाराबंकी जिले के सफदरगंज थाना क्षेत्र में प्यारेपुर-सैदपुर नहर के पास सुबह करीब 6 बजे घटित हुआ। मृतक प्रदीप कुमार सफदरगंज के नोहरी का पुरवा के रहने वाले थे। वे पेशे से टैक्सी ड्राइवर थे और रात में अपनी टाटा टियागो कार से पैसेंजर्स को लखनऊ एयरपोर्ट छोड़ने गए थे। सुबह वापस घर लौटते समय उनकी चलती गाड़ी में अचानक भयंकर आग लग गई।
दरवाजे लॉक होने से अंदर ही फंसे रहने की आशंका
आसपास के ग्रामीणों और राहगीरों ने जब कार को धू-धू कर जलते देखा तो वे बचाने के लिए दौड़े, लेकिन आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कोई पास नहीं जा सका। आशंका जताई जा रही है कि आग लगते ही कार का सेंट्रल लॉकिंग सिस्टम फेल हो गया और दरवाजे जाम हो गए, जिसके कारण प्रदीप कुमार चाहकर भी बाहर नहीं आ सके।
रजिस्ट्रेशन नंबर से हुई पहचान
सूचना मिलने पर सफदरगंज पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने मलबे से अवशेषों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कार का रजिस्ट्रेशन नंबर देखकर प्रदीप की पहचान की गई। हादसे की सही वजह और दरवाजे लॉक होने के कारणों की जांच के लिए फोरेंसिक टीम को लगाया गया है। इस घटना से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
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