बस्ती में म्यूल खातों से रकम ट्रांसफर करने वाले दो अरेस्ट: टीटीपे ग्रुप और यूएसडीटी कनेक्शन की जांच शुरू, साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज

जिले में साइबर ठगी के लिए बैंक खाते और एटीएम कार्ड उपलब्ध कराने वाले दो आरोपियों को साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने अरेस्ट किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों के खातों में देश के अलग-अलग राज्यों से साइबर ठगी की रकम पहुंची थी। इनमें एक आरोपी खाते और एटीएम कार्ड उपलब्ध कराता था, जबकि दूसरा चीन से जुड़े टीटीपे ग्रुप के जरिए रकम को आगे भेजने का काम करता था। इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) से मिले संदिग्ध म्यूल खातों की जांच के दौरान पुलिस को यह कनेक्शन मिला।
दुबौलिया थाना क्षेत्र के रमवापुर गांव निवासी विश्वदी गौतम उर्फ भीम के बैंक खाते में चार साइबर शिकायतें मिलीं। उसके दूसरे खाते से राजस्थान और तमिलनाडु से जुड़ी दो शिकायतें सामने आईं। जांच में इन खातों के साइबर अपराध में इस्तेमाल होने के साक्ष्य मिले। पुलिस ने दो अक्टूबर को विश्वदी गौतम से पूछताछ की। उसकी निशानदेही पर टीम भभुआ स्थित मंगलम होटल पहुंची, जहां उसका साथी अभिजीत मिश्रा उर्फ विकास मिश्रा मिला। पूछताछ के बाद दोनों को हिरासत में लिया गया।
कमीशन लेकर एटीएम से निकालते थे रकम
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में विश्वदी ने बैंक खाते और एटीएम कार्ड उपलब्ध कराने की बात बताई। वहीं अभिजीत ने टीटीपे ग्रुप से जुड़े होने की जानकारी दी। उसके अनुसार, ग्रुप के जरिए साइबर ठगी की रकम बैंक खातों में भेजी जाती थी। इसके बाद एटीएम से नकदी निकालकर कमीशन के आधार पर रकम आगे भेजी जाती थी। पुलिस जांच में रकम को यूएसडीटी के माध्यम से चीन भेजे जाने की बात भी सामने आई है।
मोबाइल और एटीएम कार्ड बरामद
पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से तीन एंड्रॉयड मोबाइल, दो एटीएम कार्ड, दो आधार कार्ड की छायाप्रति और 550 रुपये बरामद किए हैं। अभिजीत के मोबाइल से व्हाट्सएप चैट भी मिली है, जिसकी पुलिस जांच कर रही है। साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज किया गया। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों को अरेस्ट किया गया। मामले की जांच निरीक्षक भगवान सिंह को सौंपी गई है।
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