बस्ती में थानाध्यक्ष की मौत का खुला राज: महिला ने मांगे थे एक करोड़, पिता-वकील संग मिलकर करती थी ब्लैकमेल
वाल्टरगंज थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया। पुलिस ने ब्लैकमेलिंग के आरोप में महिला उसके पिता और वकील को अरेस्ट किया है। पुलिस के मुताबिक, सूर्य प्रकाश सिंह महिला के जाल में फंस गए थे और बाद में उन पर एक करोड़ रुपये देने का दबाव बनाया जा रहा था। रकम नहीं देने पर महिला हाथ की नस काट लेने की धमकी देती थी। पुलिस ने तीनों आरोपियों को सदर अस्पताल के सामने से अरेस्ट करने के बाद जेल भेज दिया। उनके पास से एक बोलेरो और तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार प्रियंका चौधरी वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के गांधार की रहने वाली है। वह करीब 10 साल से अपने पति से अलग रह रही थी और मुंबई में ब्यूटी पार्लर और स्पा सेंटरों में काम करती थी। आरोप है कि वह आर्थिक रूप से संपन्न लोगों को प्रेमजाल में फंसाती थी। इसके बाद वीडियो कॉल और बातचीत के दौरान उनके वीडियो-ऑडियो तैयार कर लेती थी। बाद में इन्हीं के आधार पर लोगों को डराकर रकम की मांग की जाती थी। पुलिस का कहना है कि प्रियंका वीडियो कॉल पर अपने हाथ की नस काटने और खून निकलने का दृश्य दिखाकर भी लोगों पर दबाव बनाती थी।
पिता और वकील संभालते थे रकम का काम
पुलिस की जांच में प्रियंका के पिता रामनयन चौधरी और वकील विजय प्रकाश की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, दोनों ब्लैकमेलिंग से मिलने वाली रकम की वसूली में महिला की मदद करते थे और रकम में उनका हिस्सा भी रहता था। जांच में तीन अन्य लोगों से करीब 24 लाख रुपये वसूलने की जानकारी सामने आई है। इनमें एक डॉक्टर भी शामिल है। पुलिस अब ऐसे अन्य लोगों का पता लगाने में जुटी है, जो इस गिरोह के संपर्क में रहे हैं।
थाने में मुलाकात के बाद बढ़ी नजदीकी
सूर्य प्रकाश सिंह की तैनाती वाल्टरगंज थाने में थी, जबकि प्रियंका भी इसी थाना क्षेत्र में रहती थी। प्रियंका ने अपने पति के खिलाफ वाल्टरगंज थाने में केस दर्ज कराया था। इसी मामले के सिलसिले में उसकी मुलाकात थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह से हुई थी। पुलिस के मुताबिक, बातचीत के बाद दोनों के बीच नजदीकी बढ़ी और वे रिश्ते में आ गए। आरोप है कि इसके बाद प्रियंका ने सूर्य प्रकाश सिंह को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।
मौत से पहले हुई थी एक करोड़ की मांग
पुलिस के मुताबिक 29 अगस्त को सूर्य प्रकाश सिंह की मौत से कुछ घंटे पहले दोपहर 1:41 बजे वकील विजय प्रकाश ने उनसे फोन पर बात की थी। इसी दौरान एक करोड़ रुपये की मांग किए जाने की बात सामने आई है। सूर्य प्रकाश सिंह इतनी बड़ी रकम की व्यवस्था नहीं कर पा रहे थे। इसी दबाव में उन्होंने अपने सरकारी आवास में फंदे से लटककर जान दे दी। घटना से पहले उन्होंने वाट्सऐप पर एक स्टेटस भी लगाया था, जिसमें शांति और प्रेम को धन-संपदा से अधिक महत्वपूर्ण बताया था।
चार साल बाद होने वाले थे रिटायर्ड
सूर्य प्रकाश सिंह मूल रूप से आजमगढ़ के भीलमपुर छपरा गांव के रहने वाले थे। वह करीब चार साल बाद सेवानिवृत्त होने वाले थे। 18 अप्रैल 2026 को उन्हें वाल्टरगंज थाने का प्रभारी बनाया गया था। इससे पहले सिद्धार्थनगर से स्थानांतरण के बाद उन्हें बस्ती पुलिस लाइन में तैनाती मिली थी। 29 अगस्त को वह कलेक्ट्रेट के पास स्थित अपने सरकारी आवास में फंदे से लटके मिले थे। परिवार में पत्नी के अलावा एक बेटा और दो बेटियां हैं। बड़े बेटे संदीप सिंह ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।











