बस्ती में युवक पर लाठी-डंडों से हमला: इलाज के दौरान बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मौत, शव घर पहुंचने पर परिजनों ने ढाई घंटे तक मार्ग किया जाम

लालगंज थाना क्षेत्र के थाल्हापार गांव में मामूली विवाद में एक युवक पर कुदाल के पासे, लाठी-डंडों और ईंटों से जानलेवा हमला कर दिया गया। गंभीर रूप से घायल युवक की इलाज के दौरान गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। बुधवार को जब युवक का शव गांव पहुंचा, तो आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर करीब ढाई घंटे तक मार्ग जाम कर भारी हंगामा किया।
जानकारी के अनुसार, थाल्हापार निवासी 36 वर्षीय जन्मेजय सोमवार शाम को अपने ससुराल से लौट रहा था। गांव के पास नहर के निकट बाइक और ठेले की टक्कर को लेकर कुछ लोगों से उसका विवाद हो गया। आरोप है कि वहां मौजूद दबंगों ने जन्मेजय को ठेला धकेलने के लिए कहा। जब जन्मेजय ने इससे मना कर दिया, तो विपक्षी बाल गोविंद चौधरी, उसकी मां इंद्रासिनी और बहन ममता व साक्षी ने जातिसूचक गालियां देते हुए लाठी-डंडों, ईंट और कुदाल के पासे से उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण जन्मेजय मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़ा। बीच-बचाव करने आए उसके पिता राम बहाल को भी आरोपियों ने पीटा।
इलाज के दौरान तोड़ा दम
परिजन घायल जन्मेजय को तुरंत बनकटी पीएचसी ले गए, जहां से उसे कैली मेडिकल कॉलेज और फिर गंभीर हालत देखते हुए गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। वहां इलाज के दौरान जन्मेजय ने दम तोड़ दिया। मृतक के पिता का आरोप है कि घटना के बाद पुलिस को तुरंत सूचना दी गई थी, लेकिन पुलिस ने मामले में कोई तत्परता नहीं दिखाई। परिजनों का यह भी आरोप है कि बीट सिपाही द्वारा उन पर तहरीर बदलने का दबाव बनाया गया था।
पुलिस की गाड़ी के आगे लेटी बेबस मां
बुधवार सुबह जैसे ही जन्मेजय का शव गांव पहुंचा, ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। इस दौरान करीब ढाई घंटे तक मार्ग पूरी तरह बाधित रहा। प्रदर्शन के दौरान माहौल बेहद भावुक और तनावपूर्ण हो गया। मृतक की मां और परिजन पुलिस की गाड़ियों के आगे लेट गए और न्याय की गुहार लगाने लगे।
चार के खिलाफ मुकदमा दर्ज
हंगामे और जाम की सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी रुधौली और प्रभारी निरीक्षक लालगंज भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने आक्रोशित परिजनों को समझा-बुझाकर और आरोपियों के खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई का आश्वासन देकर ढाई घंटे बाद जाम खुलवाया। पुलिस ने पिता की तहरीर पर तीन महिलाओं समेत चार नामजद आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
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