देवरिया के सीआरपीएफ जवान नक्सली हमले में शहीद: जंगल में गश्त कर टीम के साथ लौट रहे थे वापस, आज पैतृक गांव पहुंचेगा पार्थिव शरीर

छत्तीसगढ़ के धुर नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में सोमवार देर रात सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में देवरिया के जांबाज सपूत और सीआरपीएफ के सब-इंस्पेक्टर देवानंद यादव (24 वर्ष) शहीद हो गए। सोमवार रात जब वह अपनी टीम के साथ जंगल में गश्त और ड्यूटी पूरी कर बटालियन वापस लौट रहे थे, तभी घात लगाए बैठे नक्सलियों ने जवानों पर अंधाधुंध हमला बोल दिया। इस कायरतापूर्ण हमले में देवानंद यादव गंभीर रूप से घायल हो गए और अंततः देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दे दिया।
शहीद देवानंद यादव देवरिया जिले के बरहज थाना क्षेत्र के करजहां गांव के रहने वाले थे। वह अपने पिता रामानंद यादव की पांच संतानों में दूसरे नंबर पर और दो भाइयों में बड़े थे। देवानंद वर्ष 2022 में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में सब-इंस्पेक्टर के पद पर भर्ती हुए थे। अभी उनकी ड्यूटी को महज तीन साल ही हुए थे कि उनकी शहादत की खबर घर पहुंच गई। जैसे ही सेना के अधिकारियों द्वारा परिवार को इस अनहोनी की सूचना दी गई, पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया। शहीद की मां शैला देवी का रो-रोकर बुरा हाल है और छोटा भाई व बहनें गहरे सदमे में हैं। होनहार बेटे को खोने के गम में हर आंख नम है और गांव के लोग पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं।

बुधवार को गांव पहुंचेगा पार्थिव शरीर
प्रशासनिक अधिकारियों और बटालियन से मिली जानकारी के अनुसार, शहीद देवानंद यादव का पार्थिव शरीर बुधवार को विशेष विमान के जरिए पहले गोरखपुर एयरपोर्ट लाया जाएगा। वहां से पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनके पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव करजहां पहुंचाया जाएगा, जहां पूरे सैन्य व राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। जिला प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारी शहीद के गांव में व्यवस्थाओं को संभालने के लिए मुस्तैद हैं।
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