देवरिया में हवालात में डीसीएम चालक की मौत: इंस्पेक्टर समेत तीन पुलिसकर्मी हुए सस्पेंड, गांजा बरामद होने के बाद हुआ था अरेस्ट
खुखुंदू थाने की हवालात में एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार डीसीएम चालक की मौत हो गई। वह अमरोहा का रहने वाला था और दो अक्टूबर को करीब डेढ़ क्विंटल गांजा बरामद होने के बाद अरेस्ट किया गया था। घटना के बाद एसपी अभिजित आर. शंकर ने खुखुंदू के प्रभारी निरीक्षक राहुल सिंह समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। तीनों पर लापरवाही का आरोप है। पुलिस मौत की वजह की जांच कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, दो अक्टूबर को एक डीसीएम देवरिया की ओर से खुखुंदू चौराहे पहुंचा था। पुलिस टीम को देखकर चालक ब्रजपाल सिंह उर्फ विक्की ने वाहन नूनखार मार्ग की ओर तेज गति से दौड़ा दिया। शक होने पर पुलिस ने पीछा किया और करीब 500 मीटर आगे घेराबंदी कर डीसीएम रोक लिया। पुलिस का दावा है कि चालक समेत वाहन में मौजूद लोग भागने लगे, जिसमें एक व्यक्ति पकड़ा गया। तलाशी के दौरान करीब डेढ़ क्विंटल गांजा बरामद हुआ।
गांजा ले जाने के लिए चालक को मिले थे 28 हजार
जांच में सामने आया कि डीसीएम में असम के बरपेटा जिले से ब्रान लादा गया था। इसके लिए करीब 28 हजार रुपये दिए गए थे। पुलिस को आशंका है कि ब्रान की आड़ में गांजा छिपाकर ले जाया जा रहा था। मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर ब्रजपाल को गिरफ्तार किया गया था।
मृतक के चाचा ने की जांच की मांग
ब्रजपाल को खुखुंदू थाने की हवालात में रखा गया था। उसकी तबीयत बिगड़ने की जानकारी पुलिस को मिली। पुलिसकर्मी उसे महार्षि देवराहा बाबा मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के चाचा नवनीत ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की है।
पोस्टमॉर्टम के बाद स्पष्ट होगी मौत की वजह
एसपी ने प्रभारी निरीक्षक राहुल सिंह, आरक्षी-मुहर्रिर गुल्लुर प्रसाद और रिक्रूट आरक्षी अंगद यादव को निलंबित किया है। पुलिस के अनुसार, मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शव का पंचनामा कराया जाएगा। पैनल की मौजूदगी में वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। मृतक के परिजन देवरिया पहुंच चुके हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत की वजह स्पष्ट हो सकेगी।
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