देवरिया में अफेयर छिपाने के लिए ननद ने कराई थी गर्भवती भाभी की हत्या: तीन लाख में दी थी सुपारी, पुलिस मुठभेड़ में शूटर गिरफ्तार

रुद्रपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के सरकारी आवास में एक गर्भवती महिला की हथौड़े से वार कर और गला दबाकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस खौफनाक साजिश का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने मुख्य कांट्रैक्ट किलर को एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। जांच में जो खुलासा हुआ है, उसने पारिवारिक रिश्तों को तार-तार कर दिया है।
पुलिस जांच के अनुसार, मृतका गुड़िया विश्वकर्मा (28 वर्ष), गोरखपुर के सहजनवां की रहने वाली थी और पिछले कुछ महीनों से देवरिया के रुद्रपुर CHC परिसर स्थित अपनी ननद पूर्णिमा विश्वकर्मा के सरकारी आवास में रह रही थी। पूर्णिमा यहां सरकारी स्टाफ नर्स के पद पर तैनात है। पूछताछ में सामने आया कि ननद पूर्णिमा के किसी के साथ प्रेम संबंध थे। भाभी गुड़िया को इस अफेयर के बारे में पता चल गया था। पूर्णिमा को लगातार यह डर सता रहा था कि उसकी भाभी इस राज का खुलासा परिवार के सामने कर देगी। इसी राज को हमेशा के लिए दफन करने के लिए ननद ने अपनी गर्भवती भाभी को ही रास्ते से हटाने का खौफनाक प्लान तैयार किया।
गहने गिरवी रखकर दी तीन लाख की सुपारी
भाभी की हत्या करने के लिए ननद पूर्णिमा ने गोरखपुर के गगहा क्षेत्र के रहने वाले बदमाशों से तीन लाख रुपये में हत्या का सौदा तय किया। इस मोटी रकम का इंतजाम करने के लिए पूर्णिमा ने अपने सोने-चांदी के गहने तक गिरवी रख दिए। उसने कांट्रैक्ट किलर्स को ढाई लाख रुपये एडवांस नगद दे दिए थे और बाकी के 50 हजार रुपये काम पूरा होने के बाद देने का वादा किया था।
रात के अंधेरे में हथौड़े से किया वार
25 अक्टूबर की रात को पूर्णिमा के इशारे पर सुपारी किलर राम आशीष यादव और उसका साथी नरेश सरकारी आवास में दाखिल हुए। उन्होंने सो रही गर्भवती गुड़िया पर हथौड़े से ताबड़तोड़ वार किए और गला दबाकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात को पूरी तरह छुपाने के लिए ननद पूर्णिमा ने खुद ही डायल 112 पर पुलिस को फोन कर घटना को एक अज्ञात हमलावरों की वारदात दिखाने की कोशिश की। शुरुआत में मृतका के मायके वालों की तहरीर पर पुलिस ने पति और ननद समेत पांच लोगों पर दहेज हत्या का केस दर्ज किया था।
पुलिस मुठभेड़ में शूटर को लगी गोली
पुलिस मंगलवार की सुबह जब चेकिंग कर रही थी, तभी बाइक सवार दो संदिग्धों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में मुख्य शूटर राम आशीष यादव के बाएं पैर में पुलिस की गोली लगी, जिसके बाद उसे धर दबोचा गया। अस्पताल में इलाज के दौरान जब पुलिस ने उससे कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने नर्स ननद पूर्णिमा द्वारा दी गई सुपारी की पूरी कहानी उगल दी। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए आरोपी ननद पूर्णिमा, पति चमनलाल और साजिश में शामिल अन्य लोगों को हिरासत में ले लिया है। शूटर का दूसरा फरार साथी नरेश अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिसकी तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।
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