देवरिया में सड़क-नाली की बदहाली से ग्रामीण नाराज: नेताओं के प्रवेश पर लगाया प्रतिबंध, बाल्टियों में भरकर फेंक रहे गंदा पानी
सलेमपुर विकास क्षेत्र की विराजमार ग्राम पंचायत के ठोका बंसी गांव स्थित हरिजन टोला (छावनी टोला) में बुनियादी सुविधाओं की कमी से ग्रामीण परेशान हैं। सड़क और जल निकासी की समस्या से नाराज ग्रामीणों ने सोमवार सुबह करीब आठ बजे गांव के प्रवेश पर नेताओं और राजनीतिक दलों की एंट्री पर रोक लगाने वाला बैनर लगा दिया। ग्रामीणों का कहना है कि विधानसभा और लोकसभा चुनाव के दौरान वोट मांगने के लिए अलग-अलग दलों के नेता बस्ती में पहुंचे, लेकिन चुनाव बीतने के बाद उनकी समस्याओं की सुध लेने कोई नहीं आया। आज भी टोले तक पहुंचने के लिए कच्चे और खराब रास्ते का सहारा लेना पड़ता है।
जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से छावनी टोला के परिवारों की मुश्किल और बढ़ गई है। कई घरों में निकलने वाले गंदे पानी को बाल्टियों में जमा किया जाता है। बाल्टी भरने के बाद ग्रामीण उसे उठाकर घर से कुछ दूरी पर फेंकने को मजबूर हैं। कुछ परिवार सिंचाई के पाइप से पानी बाहर निकालते हैं, जबकि कई लोगों ने घर के पास गड्ढा बनाकर उसमें पानी जमा करने की व्यवस्था की है। ग्रामीण ने बताया कि जिन परिवारों के पास पानी निकालने का साधन नहीं है, उन्हें खुद बाल्टी भरकर पानी दूर ले जाना पड़ता है। लंबे समय तक पानी जमा रहने से बदबू और जलजनित बीमारियों का खतरा बना रहता है।
श्रमदान से ग्रामीणों ने सुधारा रास्ता
ग्रामीणों के मुताबिक, बस्ती तक जाने वाला कच्चा रास्ता खराब होने पर कुछ समय पहले लोगों ने खुद श्रमदान कर उसकी मरम्मत की थी। इसके बावजूद पूरे टोले में ऐसा पक्का रास्ता नहीं है, जिससे हर घर तक आसानी से आवागमन हो सके। छावनी टोला निवासी ने बताया कि सरकार से वाहन सुविधा मिलने के बावजूद खराब रास्ते के कारण आने-जाने में परेशानी होती है। उनका कहना है कि बस्ती तक पक्का रास्ता बनने से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
नौ साल में ही जर्जर हो गई नाली
ग्रामीण ने बताया कि वर्ष 2015 में तत्कालीन ग्राम प्रधान मणिश्री देवी के कार्यकाल में बस्ती के कुछ हिस्से में नाली बनवाई गई थी। ग्रामीणों के अनुसार, अब यह नाली कई जगह टूट चुकी है। नाली के पाइप भी क्षतिग्रस्त हैं और कई चैंबरों पर ढक्कन तक नहीं हैं। खुले चैंबर और जर्जर जल निकासी व्यवस्था से हादसे का खतरा बना रहता है। ग्रामीण लंबे समय से सड़क और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। इस दौरान कई ग्रामीण मौजूद रहे।











