ओमान टैंकर हमले में देवरिया के दो नाविक लापता: 9 भारतीय सुरक्षित, परिजनों ने केंद्र से मांगी मदद
ओमान के तट के पास तेल टैंकर पर हुए ड्रोन हमले के बाद जिले के दो युवक लापता हैं। 11 अक्टूबर को एमटी पेट्रो डॉल्फिन पर हुई घटना के दौरान जहाज में 11 भारतीय क्रू मेंबर सवार थे। इनमें से नौ को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि बरहज तहसील के बड़कागांव निवासी वीर बहादुर यादव (26) और देवरिया के ही आदित्य सिंह का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। दोनों के लापता होने की जानकारी कंपनी के कर्मचारियों ने उनके परिजनों को दी। इसके बाद से परिवारों में बेचैनी है। परिजन कंपनी और संबंधित अधिकारियों से लगातार संपर्क कर रहे हैं और भारत सरकार से दोनों नाविकों की सुरक्षित वापसी के लिए मदद की अपील की है।
वीर बहादुर यादव स्वर्गीय रामसमुझ यादव के पुत्र हैं। परिजनों के मुताबिक, कंपनी के कर्मचारियों से उनके लापता होने की सूचना मिलने के बाद से परिवार लगातार जानकारी जुटाने में लगा है। घटना को दो दिन से अधिक समय बीतने के बावजूद कोई ठोस जानकारी नहीं मिलने से चिंता बढ़ गई है। परिवार को उम्मीद है कि तलाश अभियान के दौरान जल्द उनकी सलामती की खबर मिलेगी। दूसरी ओर, आदित्य सिंह के परिजन भी उनकी जानकारी के लिए संबंधित लोगों से संपर्क कर रहे हैं। दोनों परिवारों की निगाहें अब हर नई सूचना पर टिकी हैं।
तलाश में जुटा तटरक्षक दल
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, तेल टैंकर एमटी पेट्रो डॉल्फिन पर सोहर एंकरेज के पास हमला हुआ था। इसके बाद ओमान का तटरक्षक दल लापता नाविकों की तलाश में जुट गया। इस घटना को लेकर ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया कि जहाज ने अपना नौवहन और स्थिति बताने वाला सिस्टम बंद कर दिया था। संगठन के अनुसार, टैंकर प्रतिबंधित मार्ग से होर्मुज जलडमरूमध्य पार करने की कोशिश कर रहा था। हालांकि, हमले की परिस्थितियों और इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। दोनों नाविकों के परिवार उनकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए हुए हैं।
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