गाजियाबाद में विनोद हत्याकांड में पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी: मुख्य आरोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार, रुपये के लेन-देन में घटना को दिया था अंजाम

गाजियाबाद के लोनी इलाके में हुए सनसनीखेज हार्डवेयर कारोबारी विनोद गुप्ता हत्याकांड में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। मामले के मुख्य और तीसरे आरोपी बिलाल को पुलिस ने तड़के सुबह एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। ट्रॉनिका सिटी थाना क्षेत्र में हुई इस पुलिस मुठभेड़ के दौरान जवाबी फायरिंग में आरोपी बिलाल के बाएं पैर में गोली लगी है।
मृतक कारोबारी विनोद गुप्ता (42 वर्ष) का आरोपियों के साथ करीब 65 लाख रुपये का लेनदेन और एक प्लॉट की खरीद-फरोख्त को लेकर विवाद चल रहा था। मुख्य आरोपी बिलाल ने विनोद से एक प्रॉपर्टी खरीदी थी, जिसके पैसे विनोद लगातार वापस मांग रहे थे। पैसे न देने पड़ें, इसलिए बिलाल ने विनोद को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रची।
चाकू से गोदकर की हत्या
बिलाल ने विनोद गुप्ता को फोन कर मिलने के बहाने घर से बुलाया। इसके बाद उन्हें कार में बैठाकर पंचलोक गांव के सुनसान जंगल में ले जाया गया, जहां चाकू से गोदकर बेरहमी से विनोद की हत्या कर दी गई और शव को एक गड्ढे में फेंक दिया गया। विनोद 12 अक्टूबर को मृत पाया गया।
आरोपी के बाएं पैर में लगी गोली
बुधवार की तड़के खानपुर जप्ती रोड पर पुलिस चेकिंग कर रही थी। मोटरसाइकिल पर भाग रहे बिलाल ने खुद को घिरता देख पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा चलाई गई गोली बिलाल के पैर में लगी, जिसके बाद उसे दबोच लिया गया।
तीनों आरोपी सलाखों के पीछे
पुलिस इस मामले में शामिल दो अन्य सह-आरोपियों, बिलाल के सगे भाई गुलजार और चचेरे भाई फरमान को एक दिन पहले यानि मंगलवार को ही गिरफ्तार कर चुकी थी। बिलाल की गिरफ्तारी के साथ ही इस वारदात को अंजाम देने वाले तीनों मुख्य आरोपी अब पुलिस की गिरफ्त में हैं। घायल बिलाल को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने उसके पास से वारदात में इस्तेमाल एक चाकू, एक अवैध तमंचा, कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की है।
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