गाजीपुर में स्कूल में करंट लगने से मासूम की मौत: पेपर शुरू होने से पहले झूला झूलने गया था बच्चा, टूटकर लटके तार से छू गया शरीर

जंगीपुर थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह एक निजी स्कूल में परीक्षा देने आए कक्षा तीन के छात्र उत्कर्ष गुप्ता की करंट लगने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि बच्चा सुबह जल्दी स्कूल पहुंच गया था और पेपर शुरू होने से पहले ग्राउंड में लगे झूले के पास खेलने चला गया था, जहां बिजली का एक तार टूटकर लटक रहा था। झूलते समय मासूम का शरीर उस तार से छू गया, जिससे पूरे लोहे के झूले में करंट उतर आया और बच्चा बुरी तरह झुलस कर अचेत हो गया।
वहां खेल रहे अन्य बच्चों ने जब उत्कर्ष को अचेत देखा, तो शोर मचाया, जिसके बाद स्कूल का स्टाफ मौके पर पहुंचा। स्कूल प्रशासन आनन-फानन में बच्चे को गाजीपुर मेडिकल कॉलेज लेकर गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
मासूम उत्कर्ष अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था और उसकी मौत की खबर से परिवार में कोहराम मच गया है। मृतक के परिजनों और मामा ने स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि बच्चे पहले भी झूले के पास लटक रहे बिजली के तार की शिकायत कर चुके थे, लेकिन स्कूल प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया। अगर समय रहते मरम्मत करा ली जाती, तो मासूम की जान बच जाती। परिजनों ने आरोप लगाया कि हादसे के बाद स्कूल ने उन्हें सीधे सूचना नहीं दी, बल्कि परिवार के ही एक अन्य बच्चे से उन्हें पता चला। अस्पताल पहुंचने पर उन्हें अपने बेटे का शव मिला।
स्कूल प्रबंधन की सफाई
वहीं, मामले पर स्कूल प्रबंधक मोहम्मद शारिक कुरैशी का कहना है कि स्कूल परिसर में बंदरों का काफी आतंक रहता है। रात के समय बंदरों ने ही बिजली का तार तोड़कर चहारदीवारी और झूले के पास गिरा दिया था, जिस पर सुबह सफाईकर्मी की नजर नहीं पड़ी और यह दर्दनाक हादसा हो गया।
पुलिस की कार्रवाई जारी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। जंगीपुर थानाध्यक्ष ओम प्रकाश के अनुसार, परिजनों की तहरीर के आधार पर शिकायत दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
फिलहाल और खबरें उपलब्ध नहीं हैं।

