गोंडा में हाईकोर्ट की सुनवाई से पहले सरकारी जमीन होगी खाली: हटाए जाएंगे 26 मकान, 300 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात

तरबगंज तहसील क्षेत्र के नगवा और जमुआ गांव में सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर प्रशासन ने तैयारी पूरी कर ली है। खलिहान और खाद गड्ढे की जमीन पर बने 26 मकानों को हटाया जाना है। कार्रवाई के मद्देनजर मौके पर 300 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस को भी मौके पर रखा गया है। कार्रवाई शुरू होने से पहले रविवार सुबह कई परिवार खुद ही मकान तोड़कर सामान बाहर निकालते नजर आए।
दोनों गांवों में सरकारी जमीन पर बने मकानों को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। प्रशासन के अनुसार, संबंधित परिवारों को अतिक्रमण हटाने के लिए कई बार नोटिस दिए गए थे। इसके बावजूद जमीन खाली नहीं की गई। कार्रवाई की तैयारी शुरू होने के बाद कई परिवारों ने घरों से सामान निकाल लिया और कुछ लोग अपने मकान खुद तोड़ने लगे। जिन परिवारों के पास रहने के लिए दूसरी जगह नहीं है, उन्होंने कार्रवाई रोकने की मांग की। इस दौरान कई परिवार भावुक नजर आए।
हाईकोर्ट में याचिका के बाद मामला तेज
नगवा गांव निवासी पराग दत्त मिश्रा ने अतिक्रमण के मामले को लेकर लखनऊ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। हाईकोर्ट ने जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन को पांच अक्टूबर को शपथ पत्र के साथ तलब किया है। इसी सुनवाई से पहले रविवार को प्रशासन की ओर से सरकारी जमीन खाली कराने की कार्रवाई की जा रही है।
कानून व्यवस्था के लिए भारी पुलिस बल
कार्रवाई के दौरान किसी तरह की स्थिति से निपटने के लिए 300 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। मुख्य राजस्व अधिकारी रिंकी जायसवाल, एसडीएम तरबगंज सविता शुक्ला, महिला थाना प्रभारी अनीता यादव और वजीरगंज थाना प्रभारी दिनेश प्रताप सिंह मौके पर मौजूद हैं। फायर ब्रिगेड के अधिकारी और एंबुलेंस टीम भी तैनात है। प्रशासन का फोकस कार्रवाई के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने पर है।
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