गोंडा में बैंक घोटाले में फरार दो सगे भाई अरेस्ट: ऋण वितरण में 21.47 लाख का किया घोटाला, कोर्ट ने दोनों को भेजा जेल

गोंडा|
ऋण वितरण में 21.47 लाख का किया घोटाला, कोर्ट ने दोनों को भेजा जेल

जिले में यूपी कोऑपरेटिव बैंक की बड़गांव शाखा से जुड़े 21.47 लाख रुपये के घोटाले में नौ महीने से फरार चल रहे दो सगे भाइयों को नगर कोतवाली पुलिस ने रविवार शाम पांच बजे गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान जय प्रताप सिंह और राज प्रताप सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों को गोंडा न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस गोंडा, लखनऊ समेत कई जिलों में लगातार दबिश दे रही थी। मामले में तत्कालीन बैंक प्रबंधक और कैशियर समेत कई आरोपी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि कुछ अन्य अब भी फरार हैं।

मामले में 12 जनवरी 2026 को यूपी कोऑपरेटिव बैंक की बड़गांव शाखा के प्रबंधक भुवन चंद्र सती ने नगर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें तत्कालीन शाखा प्रबंधक पवन कुमार पाल, अजय कुमार, तत्कालीन प्रबंधक सुशील गौतम, तत्कालीन सहायक कैशियर पवन कुमार समेत 16 लोगों को नामजद किया गया था। आरोप था कि ऋण वितरण के नाम पर फर्जीवाड़ा कर 21.47 लाख रुपये का घोटाला किया गया। इस दौरान बैंक की ऋण वितरण नीति और भारतीय रिजर्व बैंक तथा नाबार्ड के निर्धारित नियमों का उल्लंघन भी किया गया।

205 खाताधारकों के खातों में गड़बड़ी की शिकायत

शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने खाताधारकों के साथ मिलकर कथित तौर पर गिरोह बनाया और 205 लोगों के ऋण व बचत खातों के अलावा पांच आंतरिक खातों से कुल 21.47 लाख रुपये की हेराफेरी की। नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि मामले में अन्य आरोपी भी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगाई गई हैं और गोंडा से लखनऊ तक छापेमारी की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।

नव्य जागरण

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