गोंडा मेडिकल कॉलेज में मरीज की मौत: परिजनों ने लगाया डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप, इमरजेंसी में समय पर नहीं मिला इलाज

गोंडा|
परिजनों ने लगाया डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप, इमरजेंसी में समय पर नहीं मिला इलाज

मेडिकल कॉलेज में मंगलवार सुबह इलाज के दौरान एक मरीज की मौत के बाद परिजनों ने चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाया है। पोर्टरगंज बाजार निवासी राजेश गुप्ता की मौत सुबह करीब 7:20 बजे हुई। उनके भाई हनुमंत लाल गुप्ता का आरोप है कि रात में भर्ती कराने के बाद मरीज को देखने के लिए डॉक्टर नहीं पहुंचे। परिजनों को बाहर से दवाएं खरीदनी पड़ीं और अस्पताल की ओर से जरूरी दवाएं व इंजेक्शन भी उपलब्ध नहीं कराए गए। परिवार का कहना है कि समय पर उपचार मिलता तो मरीज की जान बच सकती थी। हालांकि, इन आरोपों की जांच होना बाकी है।

परिजनों के मुताबिक, राजेश गुप्ता की तबीयत अचानक बिगड़ने पर सोमवार देर रात उन्हें एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज लाया गया था। यहां उन्हें भर्ती कराया गया। हनुमंत लाल का आरोप है कि रात के दौरान कोई डॉक्टर मरीज को देखने नहीं आया और उपचार के लिए बाहर से दवाएं खरीदनी पड़ीं। मंगलवार सुबह करीब सात बजे राजेश की हालत ज्यादा बिगड़ गई। इसके बाद परिजन उन्हें लेकर इमरजेंसी की ओर भागे, लेकिन उनके अनुसार वहां तत्काल कोई डॉक्टर उपलब्ध नहीं था। परिजनों का दावा है कि करीब 20 मिनट बाद राजेश की मौत हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉक्टर मरीज की मौत के काफी देर बाद पहुंचे।

सीएमएस बोले- जांच के बाद होगी कार्रवाई

मृतक के भाई हनुमंत लाल गुप्ता ने अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि मरीज को न तो समय पर चिकित्सकीय सहायता मिली और न ही अस्पताल से दवाएं उपलब्ध कराई गईं। वहीं, गोंडा मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. अनिल तिवारी ने मामले की जांच कराने की बात कही है। उन्होंने कहा कि जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, मौत की परिस्थितियों और परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

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