गोरखपुर में मतगणना से पहले भाजपा एमएलसी की चिट्ठी: बोले- धांधली रोकना आपकी जिम्मेदारी, कर्मियों से निष्पक्षता बनाए रखने की अपील

भाजपा के विधान परिषद सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह ने मतगणना से दो दिन पहले रविवार शाम कर्मचारियों के नाम खुला पत्र जारी किया। इसमें उन्होंने मतगणना की पारदर्शिता बनाए रखने और किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने की अपील की। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष मतगणना सुनिश्चित करना कर्मचारियों की नैतिक जिम्मेदारी है। पत्र में उन्होंने चुनाव पर्यवेक्षक पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनकी नियुक्ति के उद्देश्य पर भी सवाल उठाए। देवेंद्र प्रताप सिंह इससे पहले पर्यवेक्षक को हटाने की मांग कर चुके हैं। इस संबंध में उन्होंने चुनाव आयोग को ई-मेल भी भेजा था। अब मतगणना से ठीक पहले उन्होंने कर्मियों से लोकतांत्रिक प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखने का आग्रह किया है।
देवेंद्र प्रताप सिंह ने अपने पत्र में दावा किया कि चुनाव पर्यवेक्षक अवैध खनन और रिश्वतखोरी के मामलों में आरोपपत्रित हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सीबीआई ने अधिकारी के घर से बड़ी मात्रा में नकदी बरामद की थी। एमएलसी ने सवाल उठाया कि ऐसे अधिकारी को चुनाव पर्यवेक्षक नियुक्त करने के पीछे क्या उद्देश्य रहा होगा। उन्होंने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि मतगणना में किसी भी तरह की धांधली रोकना उनकी नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने आशंका जताई कि कर्मचारियों पर गड़बड़ी करने का दबाव हो सकता है, लेकिन उन्हें निष्पक्षता बनाए रखनी चाहिए। साथ ही भरोसा दिलाया कि वह उनके साथ खड़े रहेंगे।
भाजपा से बगावत कर सपा प्रत्याशी का किया समर्थन
देवेंद्र प्रताप सिंह भाजपा से बगावत कर चुके हैं। इससे पहले उन्होंने शिक्षकों के नाम खुला पत्र लिखकर अपमान और अन्याय के खिलाफ मतदान करने की अपील की थी। इसके बाद वह सपा प्रत्याशी डॉ. संजय त्रिपाठी के समर्थन में खुलकर प्रचार करने लगे। एमएलसी ने अपने पत्र में मेधावी छात्र आयुष मिश्रा, अभिषेक मद्धेशिया की हत्या और एक दलित सिपाही के साथ कथित अन्याय के मामलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि वह अन्याय के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाते रहे हैं।
प्रशासन ने पारदर्शी मतगणना का भरोसा दिया
मतगणना को लेकर सपा और उसके समर्थक समय-समय पर आशंकाएं जताते रहे हैं। वहीं, प्रशासन का कहना है कि मतगणना पूरी तरह पारदर्शी तरीके से कराई जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक, जिस तरह मतदान संपन्न हुआ, उसी तरह मतगणना भी निष्पक्ष तरीके से होगी। मतपेटिकाएं सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रखी गई हैं और उनकी गतिविधियों का सजीव प्रसारण बाहर भी किया जा रहा है। प्रत्याशियों और उनके अधिकृत एजेंटों के बैठने की व्यवस्था की गई है, ताकि वे चौबीसों घंटे निगरानी कर सकें।
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