शिक्षक एमएलसी चुनाव में भाजपा और सपा नेताओं के बीच झड़प: मतदान प्रभावित करने का लगाया आरोप, चुनाव पर्यवेक्षक को हटाने के लिए भेजा मेल
उत्तर प्रदेश में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए हो रहे विधान परिषद (MLC) चुनाव के मतदान के दौरान कई जिलों से भारी हंगामे और तनाव की खबरें सामने आई हैं। गोरखपुर सहित विभिन्न मतदान केंद्रों पर भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प हुई है। सपा ने सत्तापक्ष पर धांधली करने और जबरन मतदान प्रभावित करने का आरोप लगाया है।
जानकारी के अनुसार,डीएबी डिग्री कॉलेज में भाजपा और सपा नेताओं के बीच कहासुनी हुई। मतदान को प्रभावित करने का दोनों नेताओं ने एक दूसरे पर आरोप लगया हैं। इस दौरान सपा प्रत्याशी डॉ. संजयन से भाजपाइयों की धक्का मुक्की जैसे हालात बन गए। उधर, एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने चुनाव पर्यवेक्षक IAS अभय सिंह को तत्काल पदसे हटाने की मुख्य चुनाव आयुक्त को शिकायत भेजी है। उन्होंने CEC को मेल पर शिकायत की है।
मैदान में उतरे हैं कुल 16 प्रत्याशी
मतदान शाम चार बजे तक चलेगी। चुनाव में 17 जिलों के 54,910 शिक्षक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। मैदान में कुल 16 प्रत्याशी भाजपा के ध्रुव त्रिपाठी, सपा के डॉ. संजयन त्रिपाठी, अजय सिंह, डॉ. राकेश सिंह, राजीव यादव, सत्यपाल सिंह, डॉ. शरदेंदु कुमार त्रिपाठी, निरंकार राम त्रिपाठी, अजीत कुमार सिंह, देव भास्कर तिवारी, राजेश पांडेय, शिव श्याम यादव, दिनेश कुमार मिश्र, पंकज कुमार, राकेश कुमार तिवारी और राम प्रताप राम है, जिनके बीच मुकाबला हैं।
अधिकारी की नियुक्ति मतगणना में धांधली करने के लिए किया गया हैं
एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने चुनाव पर्यवेक्षक IAS अभय सिंह को तत्काल पद से हटाने की मुख्य चुनाव आयुक्त को शिकायत भेजी है। उन्होंने कहा- IAS अधिकारी अभय सिंह की नियुक्ति को मतगणना में धांधली की नियत से किया गया है। वर्ष 2019 में उत्तर प्रदेश के अवैध खनन मामले में उनके विरुद्ध CBI द्वारा FIR दर्ज किया गया तथा उनके आवास पर छापेमारी के दौरान बड़े पैमाने पर नगद बरामद हुआ। इस मामले में हुई CBI जांच की वर्तमान स्थिति और उससे संबंधित तथ्यों का गंभीरता से संज्ञान लिया जाना चाहिए।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने ट्वीट कर भाजपा पर साधा निशाना
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट (X) और मीडिया के माध्यम से सीधे तौर पर भाजपा सरकार और स्थानीय प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया है। सपा नेताओं का आरोप है कि शिक्षा विभाग के जिला विद्यालय निरीक्षकों और बेसिक शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से वित्तविहीन विद्यालयों के प्रबंधकों और शिक्षकों पर भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में वोट डालने का अनैतिक दबाव बनाया जा रहा है। सपा मीडिया सेल ने भी सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर 'साम, दाम, दंड, भेद' नीति अपनाकर निष्पक्ष चुनाव को प्रभावित करने का दावा किया है।
EVM से नहीं, मतपत्र से होगा मतदान
शिक्षक MLC चुनाव में EVM के बजाय मतपत्र और मतपेटिका से मतदान कराया जाएगा। मतदाताओं को प्रत्याशियों के नाम के सामने अपनी पसंद के क्रम में वरीयता दर्ज करनी होगी। पहली पसंद के लिए ‘1’, दूसरी के लिए ‘2’ और इसी तरह आगे की पसंद लिखी जा सकती है। इसके लिए निर्वाचन आयोग की ओर से दी गई कलम का ही इस्तेमाल करना होगा। निर्देशों का पालन नहीं करने पर मतपत्र अवैध हो सकता है।
आजमगढ़ और गोरखपुर में सबसे ज्यादा मतदाता
17 जिलों में सबसे अधिक 8,592 शिक्षक मतदाता आजमगढ़ और 7,289 गोरखपुर में हैं। अन्य जिलों में बहराइच में 1,636, गोंडा में 2,805, बस्ती में 2,045, सिद्धार्थनगर में 2,787, महराजगंज में 3,572, देवरिया में 4,278, मऊ में 5,131, सुल्तानपुर में 2,679, अमेठी में 1,099, अयोध्या में 3,084, कुशीनगर में 3,496, आंबेडकरनगर में 2,891, श्रावस्ती में 1,004, बलरामपुर में 982 और संतकबीरनगर में 1,540 मतदाता हैं।
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