गोरखपुर में बोले सीएम- उमंग, सुरक्षा और अनुशासन से मनाएं त्योहार: विकारों से मुक्त होने का संदेश देते हैं पर्व, अराजक तत्वों को बेनकाब करने का आह्वान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्र की महानवमी और विजयदशमी के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए त्योहारों को सौहार्द और उत्साह के साथ मनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पर्वों की खुशियों के बीच सुरक्षा और अनुशासन की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। नवरात्र और विजयदशमी हमें व्यक्तिगत, पारिवारिक, सामाजिक और आध्यात्मिक जीवन के विकारों से मुक्त होने की प्रेरणा देते हैं। समाज में नशे, भ्रष्टाचार, अराजकता, असुरक्षा और आतंकवाद जैसी बुराइयों के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री सोमवार को गोरखनाथ मंदिर में महानवमी पर कन्या पूजन के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म के पर्व समाज की एकता को कमजोर करने की कोशिश करने वाले अराजक और उच्छृंखल तत्वों को पहचानने का संदेश भी देते हैं। ऐसे तत्वों के खिलाफ समाज को एकजुट होकर खड़ा होना चाहिए, ताकि राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सौहार्द मजबूत बना रहे।
नवरात्र में मातृशक्ति के सम्मान की परंपरा का किया उल्लेख
सीएम योगी ने कहा कि सनातन धर्म में मातृशक्ति को सर्वोच्च सम्मान दिया गया है। इसी परंपरा के तहत वर्ष में दो बार वासंतिक और शारदीय नवरात्र में मां भगवती की आराधना और कन्या पूजन किया जाता है। उन्होंने गोरखनाथ मंदिर में कन्या पूजन को अपना सौभाग्य बताया। मुख्यमंत्री के अनुसार, नवरात्र के दौरान प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों और देवी मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
विंध्यवासिनी धाम में लाखों श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
मुख्यमंत्री ने बताया कि मिर्जापुर के मां विंध्यवासिनी धाम में नया कॉरिडोर बनने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है। रविवार को यहां 25 लाख से अधिक लोगों ने दर्शन-पूजन किया, जबकि सोमवार को भी ब्रह्म मुहूर्त से भारी भीड़ रही। अनुमान के मुताबिक, सोमवार को 20 से 25 लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। देवीपाटन शक्तिपीठ, सहारनपुर के मां शाकंभरी मंदिर और सीतापुर स्थित ललिता देवी शक्तिपीठ में भी बड़ी संख्या में भक्तों ने अपनी श्रद्धा निवेदित की।
मिशन शक्ति के तहत महिला सुरक्षा और सम्मान को प्राथमिकता
सीएम योगी ने कहा कि मिशन शक्ति अभियान नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को प्राथमिकता देने वाली सनातन परंपरा से प्रेरित है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रदेश के हर थाने में महिला हेल्प डेस्क बनाई गई है। महिला हेल्पलाइन 1090 के साथ थानों में महिलाओं की शिकायतों के समाधान के लिए अलग व्यवस्था की गई है। महिला बीट पुलिस अधिकारी भी उनकी समस्याएं सुनकर समाधान में भूमिका निभा रही हैं।
कन्या सुमंगला योजना के तहत बेटियों को मिल रही आर्थिक मदद
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए सरकार शिक्षा और प्रशिक्षण पर ध्यान दे रही है। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और मातृ वंदना जैसी योजनाएं प्रभावी साबित हुई हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत बेटी के जन्म से स्नातक तक की शिक्षा के लिए पात्र परिवारों को 25 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। वहीं, विवाह के लिए एक लाख रुपये की मदद देने की व्यवस्था है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के जरिए अब तक पांच लाख से अधिक कन्याओं का विवाह कराया जा चुका है।
प्रदेश पुलिस में महिला कर्मियों की संख्या बढ़कर 45 हजार हुई
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश पुलिस भर्ती में महिलाओं के लिए 20 प्रतिशत पद आरक्षित हैं। वर्ष 2017 में प्रदेश पुलिस में करीब 10 हजार महिला कर्मी थीं, जबकि अब यह संख्या बढ़कर 45 हजार हो गई है। इसके अलावा 54 हजार बीसी सखी ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं। ड्रोन दीदी और लखपति दीदी जैसे कार्यक्रम भी आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी गरिमा के विरुद्ध आचरण स्वीकार नहीं किया जा सकता और सरकार महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है।
विजयदशमी पर 45 हजार दुर्गा पूजा पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में करीब 45 हजार स्थानों पर दुर्गा पूजा पंडाल लगाए गए हैं। पंडालों और देवी मंदिरों में प्रशासन ने सुरक्षा, सुविधाओं और यातायात प्रबंधन की व्यवस्था की है। मंगलवार को मनाए जाने वाले विजयदशमी पर्व को देखते हुए भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह पर्व अधर्म, असत्य और अन्याय पर धर्म, सत्य और न्याय की विजय का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने लोगों से त्योहारों के दौरान शांति, सौहार्द और अनुशासन बनाए रखने की अपील की।
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