गोरखपुर में तीन दिन तक रहेंगे सीएम योगी: कल करेंगे महानिशा पूजा, सोमवार को करेंगे कन्या पूजन

गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कल से दिन तक गोरखपुर में रहेंगे। वह तीन दिनों तक विशेष अनुष्ठान, पूजन और पारंपरिक उत्सवों में शामिल होंगे। अष्टमी (रविवार) की शाम वह गोरक्षपीठ की परंपरा के अनुसार महानिशा पूजा करेंगे। सोमवार को महानवमी पर कन्या पूजन का अनुष्ठान संपन्न करेंगे।
नवरात्र के समापन के बाद 20 अक्तूबर को विजयादशमी पर गुरु गोरखनाथ की विशिष्ट पूजा करेंगे। इसके बाद गोरक्षपीठाधीश्वर गोरखनाथ मंदिर से निकलने वाली ऐतिहासिक विजयादशमी शोभायात्रा की अगुवाई करेंगे। शारदीय नवरात्र की प्रतिपदा पर गोरक्षपीठाधीश्वर ने गोरखनाथ मंदिर स्थित शक्तिपीठ में कलश स्थापना की थी। इसके बाद नवरात्र के नियमिम पूजन-अनुष्ठान उनके प्रतिनिधि के रूप में गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ संपन्न करा रहे हैं। अष्टमी से लेकर विजयादशमी तक गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ स्वयं विशेष आराधना में शामिल होंगे। रविवार को अष्टमी के अवसर पर गोरक्षपीठाधीश्वर विधि-विधान से महानिशा पूजन और हवन करेंगे। इस दौरान वह लोककल्याण की कामना करेंगे। सोमवार को पूर्वाह्न 11 बजे से गोरक्षपीठ में मातृशक्ति के प्रति श्रद्धा और सम्मान के प्रतीक कन्या पूजन का आयोजन होगा।
कन्याओं को कराएंगे भोजन
सीएम नौ दुर्गा स्वरूपा कन्याओं के पांव पखारकर उनका पूजन करेंगे। उनके माथे पर रोली, चंदन, दही और अक्षत का तिलक लगाकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद कन्याओं को श्रद्धापूर्वक भोजन कराकर दक्षिणा और उपहार देंगे तथा उनका आशीर्वाद लेंगे। इस अवसर पर परंपरा के अनुसार बटुक पूजन भी किया जाएगा। मंगलवार को महायोगी गुरु गोरखनाथ के विशिष्ट पूजन और गोरक्षपीठाधीश्वर के तिलकोत्सव के बाद शाम को विजयादशमी की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी।
सामाजिक समरसता का संदेश देती है विजयादशमी शोभायात्रा
गोरखनाथ मंदिर से विजयादशमी के दिन गोरक्षपीठाधीश्वर की अगुवाई में निकलने वाली शोभायात्रा गोरखपुर की उत्सवी परंपरा का प्रमुख आकर्षण है। इस शोभायात्रा में सामाजिक समरसता की झलक देखने को मिलती है। इसमें हर वर्ग के लोग शामिल होते हैं। वहीं, अल्पसंख्यक समुदाय के लोग, विशेषकर मुस्लिम और बुनकर समाज के लोग, शोभायात्रा का भव्य स्वागत करते हैं। तीन पीढ़ियों से विजयादशमी शोभायात्रा का स्वागत करने वाले उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी के पूर्व अध्यक्ष चौधरी कैफुलवरा बताते हैं कि मंदिर के मुख्य द्वार से थोड़ी दूरी पर वे लोग घंटों पहले फूल-मालाएं लेकर गोरक्षपीठाधीश्वर के स्वागत के लिए खड़े हो जाते हैं।
मंगलवार को निकाली जाएगी शोभायात्रा
गोरक्षपीठ की परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी मंगलवार की शाम गोरखनाथ मंदिर से गोरक्षपीठाधीश्वर की विजयादशमी शोभायात्रा निकाली जाएगी। गुरु गोरखनाथ तुरही, नगाड़ों और बैंड-बाजे की धुन के बीच शोभायात्रा मानसरोवर मंदिर पहुंचेगी। यहां आशीर्वाद लेने के बाद मुख्यमंत्री शोभायात्रा के साथ रवाना होंगे। गोरक्षपीठाधीश्वर देवाधिदेव महादेव की पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद शोभायात्रा मानसरोवर रामलीला मैदान पहुंचेगी। यहां आयोजित रामलीला में मुख्यमंत्री प्रभु श्रीराम का राजतिलक करेंगे।
राम-सीता की उतारेंगे आरती
इस अवसर पर राम, माता जानकी, लक्ष्मण और हनुमान का पूजन कर आरती भी उतारी जाएगी। विजयादशमी के दिन गोरखनाथ मंदिर में आयोजित होने वाले पारंपरिक तिलकोत्सव कार्यक्रम में गोरक्षपीठाधीश्वर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद भी देंगे। शाम को मंदिर में पारंपरिक भोज का आयोजन होगा जिसमें जाति, धर्म और आर्थिक स्थिति के भेद से परे विभिन्न वर्गों के लोग शामिल होंगे।
फिलहाल और खबरें उपलब्ध नहीं हैं।

