गोरखपुर में सीएम योगी का कांग्रेस पर निशाना: जनता की नाराजगी पर आत्ममंथन करे पार्टी, वरना बचा-कुचा जनाधार भी खो देगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उसे अराजकता का पर्याय बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी अपनी राजनीतिक विफलताओं को स्वीकार करने के बजाय जनता और चुनी हुई सरकारों के खिलाफ माहौल बनाने में जुटी है। योगी ने कहा कि कांग्रेस को आत्ममंथन करना चाहिए कि जनता उसे लगातार क्यों नकार रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पार्टी ने अपने रवैये में बदलाव नहीं किया तो उसका बचा-कुचा जनाधार भी खत्म हो सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस चुनाव जीतने पर इसे अपनी उपलब्धि और राजनीतिक क्षमता बताती है, लेकिन हार मिलते ही ईवीएम और चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराने लगती है। उन्होंने आरोप लगाया कि अदालतें जब मामलों में गुण-दोष के आधार पर फैसला सुनाती हैं, तब भी कांग्रेस उनके निर्णयों पर सवाल उठाती है और न्यायपालिका को कठघरे में खड़ा करने का प्रयास करती है। योगी ने इसे पार्टी की राजनीतिक कार्यशैली बताते हुए कहा कि लोकतंत्र में संस्थाओं के प्रति सम्मान बनाए रखना जरूरी है।
1985 के बाद यूपी में नहीं लौटी कांग्रेस
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता ने 1985 के बाद कांग्रेस को दोबारा सत्ता में आने का अवसर नहीं दिया। देश के कई अन्य राज्यों में भी पार्टी सत्ता से बाहर हो चुकी है। इसके बावजूद कांग्रेस अपनी चुनावी विफलताओं के कारणों पर गंभीरता से विचार करने के बजाय विरोध और आरोपों की राजनीति कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी को जनता के फैसले का सम्मान करना चाहिए और अपनी कमियों को स्वीकार करना चाहिए।
संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान की नसीहत
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस दिल्ली में पिछले कई दिनों से अव्यवस्था पैदा कर रही है। उन्होंने पार्टी से अपील की कि वह युवाओं और जनता को गुमराह करने के बजाय अपनी राजनीतिक दिशा और नेतृत्व पर विचार करे। योगी ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर अराजकता का माहौल बनाना लोकतांत्रिक व्यवस्था के हित में नहीं है। जनता इस तरह की राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि देश में स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपराओं और कानून-व्यवस्था को बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है।
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