सीएम योगी ने वनटांगियों के साथ मनाई दिवाली: 82 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की दी सौगात, रवि किशन की ली चुटकी

दिवाली का त्योहार यूपी में धूमधाम से मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर में वनटांगिया परिवारों के साथ दिवाली मना रहे हैं। उन्होंने मंच से बटन दबाकर आतिशबाजी की। इस दौरान उन्होंने सांसद रविकिशन की चुटकी लेते हुए लोगों से कहा कि आप सभी इनके शीश महल में जाइए। 5000 लोगों के लिए मिठाई और खाने का इंतजाम है। अभी एक बुजुर्ग महिला मुझसे कह रही थी कि सांसद जी से कहिए मुझे उनकी फिल्मों में काम करना है। मैंने उनसे कहा कि आप यह देखिए।
मुख्यमंत्री योगी ने वनटांगिया परिवारों के लिए 82.41 करोड़ रुपये की 52 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इससे पहले, योगी ने अयोध्या में राम मंदिर और हनुमानगढ़ी में पूजा की। संतों के साथ खाना खाया। सीएम ने श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास से मुलाकात की। निषाद बस्ती में लोगों के साथ दिवाली मनाई। घर-घर जाकर फल और मिठाई बांटी।
वनटांगिया गांव में जंगल में मंगल है : सीएम
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले अंग्रेजों ने, फिर कांग्रेसियों ने, उसके बाद समाजवादी पार्टी के लोगों ने आपको और आपके पूर्वजों को जंगलों में दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर कर दिया था। यूपी में 56 वनटांगिया गांव हैं, लेकिन यहां के लोगों को आजादी नहीं मिल पाई थी। कोई सुविधा नहीं थी। वनटांगिया गांव में जंगल में मंगल है, यह हम दावे के साथ कह सकते हैं। मैं लगातार 2007-08 से यहां आ रहा हूं। मुख्यमंत्री बनने के बाद भी लगातार यहां आ रहा हूं।
2017 से यहां पक्की सड़क नहीं थी
सीएम योगी ने कहा कि 2017 के पहले यहां पक्की सड़क नहीं थी, कोई स्कूल नहीं था। बिजली नहीं था। पानी पीने की व्यवस्था नहीं थी। 2017 के बाद आपके पास चलने के लिए सड़क है, राशन कार्ड है, पक्का मकान है, स्कूल है, आयुष्मान कार्ड है। यही अंतर भाजपा नेतृत्व की एनडीए में और सपा कांग्रेस की पीडीए में। उनका हर जवाब न में होता है, हमारा हर जवाब हां में होता है। उन लोगों में एक के लिए गांधी नेहरू परिवार और दूसरे के लिए सैफई परिवार, वही परिवार है। हमारे लिए 25 करोड़ की आबादी परिवार है।
योगी ने कहा कि यूपी में, चाहे वो किसी जाति का हो, किसी क्षेत्र का हो, गरीब हो या अमीर, निषाद हो, दलित हो, राजभर हो, चौहान हो या फिर रविकिशन शुक्ला हो, इन सभी को हम एक परिवार के रूप में लेकर चलते हैं। शासन की योजना से जोड़ते हैं। यही अंतर है, वे पूछते नहीं हैं और अब सरकार पूजने के लिए आ रही है।
'रामराज्य तब आता है जब वनवास खत्म होता है'
योगी ने कहा- जिन लोगों की इच्छाशक्ति समाप्त हो चुकी हो, जिन्होंने केवल अपने परिवार के बारे में सोचा हो, उनसे यह उम्मीद करना कि वे गरीबों, जरूरतमंदों के बारे में सोचेंगे, दिवास्वप्न है। यहां 770 मकान बनाए हैं। आंगनबाड़ी केंद्र दिए हैं। बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूल बन गए हैं। अच्छी सड़कें बन गए हैं, बिजली आ गई है। राशन कार्ड बन गए हैं। आयुष्मान भारत कार्ड की सुविधा है, पेंशन की सुविधा है। रामराज्य तब आता है जब दीपावली आती है, रामराज्य तब आता है जब वनवास खत्म होता है। वही रामराज्य यहां के लोगों के जीवन में आया है।
जुए के पीछे मत भागना
योगी ने लोगों से कहा कि जुए के पीछे मत भागना, क्योंकि यह व्यक्ति को गुलाम बना लेता है। नशा और जुआ से अच्छा-खासा परिवार बिखर जाता है। नशे के सौदागरों पर प्रहार चल रहा है। माफिया उन्मूलन के बाद हमारा प्रहार नशे के कारोबारियों पर शुरू हुआ है। जो दूसरों का जीवन बर्बाद करते हैं हम उनको आबाद नहीं रहने देंगे। उन्होंने लोगों से अपील की कि नशे से दूर रहें। युवा पढ़ाई करें, नौकरी की गारंटी डबल इंजन सरकार लेगी।
रविकिशन ने क्या कहा?
गोरखपुर के सांसद रवि किशन ने कहा कि अंग्रेज लगभग 100 साल पहले वनटांगिया को लेकर आए थे। पेड़ लगाने के लिए लाए गए थे। बर्मा के टांगिया पद्धति से पेड़ लगाना था, इसलिए उन्हें वनटांगिया कहा गया। पेड़ लग गया, अंग्रेज चले गए, लेकिन वनटांगिया का ध्यान देने वाला कोई नहीं था। न आधार कार्ड था, न राशन कार्ड था, न वोट देने का अधिकार था। योगी आदित्यनाथ आए, लड़ाई लड़े। 2017 में उनके मुख्यमंत्री बनते राजस्व का अधिकार मिला। फिर पानी की सुविधा थी। उत्तर प्रदेश का पहला गांव था, जहां पूरी तरह से पानी शुरू हुआ।
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