गोरखपुर में DDU के दीक्षांत समारोह में बवाल: एंट्री को लेकर ABVP-पुलिस में टकराव, कैंट थाना प्रभारी निलंबित

गोरखपुर|

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के दौरान गुरुवार को विश्वविद्यालय परिसर के बाहर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच विवाद गहरा गया। प्रवेश को लेकर शुरू हुई कहासुनी देखते ही देखते हंगामे में बदल गई। मामले की शिकायत लेकर कार्यकर्ता एसएसपी कार्यालय पहुंचे। जहां करीब आधे घंटे चली वार्ता के बाद कैंट थाना प्रभारी संजय सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए।

गुरुवार सुबह करीब 11 बजे डीडीयू विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए एबीवीपी के प्रांत संगठन मंत्री पुनीत अग्रवाल को आमंत्रण मिला था और वह समारोह में मौजूद थे। इसी दौरान उनके कुछ साथी भी मुख्य प्रवेश द्वार पर पहुंचे। लेकिन उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली। सूचना मिलने पर पुनीत अग्रवाल गेट पर पहुंचे और अपने साथियों के प्रवेश को लेकर पुलिस से बातचीत की। इसी दौरान कैंट थाना प्रभारी संजय सिंह और पुनीत अग्रवाल के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। विवाद बढ़ने पर माहौल तनावपूर्ण हो गया। एक ओर दीक्षा भवन में समारोह जारी रहा, जबकि दूसरी ओर विश्वविद्यालय परिसर के बाहर पुलिस और एबीवीपी कार्यकर्ताओं के बीच बहस और विरोध चलता रहा।

नारेबाजी के बाद एसएसपी कार्यालय पहुंचे कार्यकर्ता

घटना की जानकारी मिलते ही थोड़ी देर में 100 से अधिक एबीवीपी कार्यकर्ता विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर पहुंच गए और नारेबाजी शुरू कर दी। एबीवीपी का आरोप है कि इसी दौरान पुलिस ने प्रांत संगठन मंत्री पुनीत अग्रवाल के साथ हाथापाई की। इसके बाद सभी कार्यकर्ता पहले कैंट थाने पहुंचे और वहां विरोध दर्ज कराया। बाद में वे पैदल मार्च करते हुए एसएसपी कार्यालय पहुंचे और पूरे मामले की शिकायत की। एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने प्रतिनिधिमंडल से करीब आधे घंटे तक बातचीत कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। बातचीत के बाद कैंट थाना प्रभारी संजय सिंह को तत्काल निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय जांच के निर्देश जारी किए गए।

एबीवीपी ने पुलिस पर लगाया अभद्रता का आरोप

एबीवीपी के प्रांत मीडिया प्रमुख शिवम पांडेय ने पुलिस पर अनावश्यक सख्ती और अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया। उनका कहना है कि संगठन के कुछ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिए विधिवत आमंत्रण मिला था। इसके बावजूद पुलिस ने उन्हें प्रवेश नहीं करने दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने तानाशाही रवैया अपनाया और विरोध करने पर प्रांत संगठन मंत्री पुनीत अग्रवाल के साथ हाथापाई भी की। इसी शिकायत को लेकर संगठन के कार्यकर्ता एसएसपी कार्यालय पहुंचे और कार्रवाई की मांग की।

जांच के आदेश जारी

पूरे घटनाक्रम पर एसपी सिटी निमिष पाटिल ने बताया कि छह अगस्त को आयोजित एक वीआईपी कार्यक्रम के दौरान कैंट थाना प्रभारी संजय सिंह के खिलाफ अभद्र व्यवहार की सूचना मिली थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

नव्य जागरण

पूरी खबर पढ़ें ऐप पर

ऐप डाउनलोड करने के लिए QR कोड
ऐप डाउनलोड करने के लिए QR स्कैन करें

अधूरी नहीं! पूरी खबर पढ़ें नव्य जागरण ऐप पर

ताजा खबरें, लोकल अपडेट और ब्रेकिंग अलर्ट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।