गोरखपुर में करोड़ों की ठगी के बाद डॉक्टर ने की आत्महत्या: सुसाइड नोट में महिला को ठहराया सीधा जिम्मेदार, पीड़ित ने एक हफ्ता पहले कराई थी एफआईआर
गोरखनाथ क्षेत्र में पशु चिकित्सक परमात्मा सिंह ने बसंत इनक्लेव की आठवीं मंजिल से छलांग लगाकर जान दे दी। खाना खाने के बाद वह अपार्टमेंट की छत पर गए और वहां से नीचे कूद गए। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें वह सिर के बल अपार्टमेंट की सड़क पर गिरते दिखाई दे रहे हैं। आवाज सुनकर पत्नी डॉ. सुमित्रा सिंह नीचे पहुंचीं तो पति गंभीर हालत में खून से लथपथ पड़े थे। परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस को उनकी जेब से एक पेज का सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उन्होंने अपनी मौत के लिए महिला गरिमा सिंह को जिम्मेदार बताया है। पुलिस के मुताबिक, गरिमा पर डॉक्टर से 1.40 करोड़ रुपये की ठगी करने का आरोप है। घटना के बाद से डॉक्टर मानसिक दबाव में थे।
परमात्मा सिंह महराजगंज के नौतनवा में पशु चिकित्सक के पद पर तैनात थे। वह राजेंद्र नगर कॉलोनी स्थित बसंत इनक्लेव की दूसरी मंजिल पर पत्नी और दो बच्चों के साथ रहते थे। उनकी पत्नी भी पशु चिकित्सक हैं। डॉक्टर ने पांच अगस्त को एम्स थाने में 1.40 करोड़ रुपये की ठगी का मामला दर्ज कराया था। शिकायत में उन्होंने बताया था कि फरवरी 2026 में गरिमा सिंह ने उनसे संपर्क कर होम लोन बंद कराने की योजना बताई थी। इसके लिए उसने पर्सनल लोन लेने और उसकी ईएमआई खुद चुकाने का भरोसा दिया। आरोप है कि गरिमा ने उनसे छह बैंकों में लोन के आवेदन कराए और सभी जगह से लोन स्वीकृत होने के बाद रकम अपने पास ले ली। करीब दो महीने तक ईएमआई देने के बाद उसने भुगतान बंद कर दिया।
पैसे वापस मांगने पर दी धमकी
डॉक्टर ने शिकायत में गरिमा के साथ उसके दोस्त विशाल यादव और कुछ बैंक अधिकारियों-कर्मचारियों की मिलीभगत का भी आरोप लगाया था। उनका कहना था कि पैसे वापस मांगने पर गरिमा ने उन्हें धमकी दी और मुकदमों में फंसाने की बात कही। शिकायत में डॉक्टर ने खुद और परिवार को खतरा बताते हुए अप्रिय घटना होने पर आरोपियों और संबंधित बैंककर्मियों को जिम्मेदार ठहराया था। पुलिस के मुताबिक, गरिमा सिंह और उसके रेलवे अधिकारी पिता ध्रुव नारायण सिंह को घटना से एक दिन पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था।
लोन की ईएमआई को लेकर तनाव में थे डॉक्टर
पत्नी डॉ. सुमित्रा सिंह ने बताया कि पति ने बैंक से लोन लेकर गरिमा को रकम दी थी। बैंक से लगातार फोन आने के कारण वह परेशान रहते थे। वह अक्सर कहते थे कि सवा लाख रुपये की सैलरी में तीन लाख रुपये की ईएमआई कैसे चुकाएंगे। डॉक्टर के माता-पिता पारस नाथ सिंह और कुंती सिंह घटना की सूचना पर मऊ से गोरखपुर पहुंचे। बेटे का शव देखकर दोनों फूट-फूटकर रोने लगे। परिवार में पत्नी के अलावा बेटा अरिहंत सिंह और बेटी बिन्नी हैं।
गंभीर चोटों से शरीर के कई अंग हुए प्रभावित
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में शरीर पर गंभीर चोटों के साथ कई हड्डियों में फ्रैक्चर मिला। गर्दन, रीढ़ और हाथ की हड्डियां टूटने के अलावा दोनों पैरों की हड्डियां तीन-तीन जगह से टूटी थीं। कई पसलियां टूटकर उनके हिस्से हार्ट और फेफड़ों में घुस गए थे। आंख, नाक, कान और मुंह से खून निकलने के निशान भी मिले। पोस्टमॉर्टम के बाद परिजन शव लेकर मऊ स्थित पैतृक घर रवाना हो गए।











