सपा के टिकट पर डॉ. संजयन ने दोबारा पर्चा भरा: 17 जिलों के जिलाध्यक्ष के साथ मीटिंग की, दिनभर आवास पर कार्यकर्ताओं की भीड़ रही
गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. संजयन त्रिपाठी ने मंगलवार को सपा के टिकट पर दोबारा पर्चा दाखिला किया। इससे पहले बीते एक अक्टूबर को उन्होंने निर्दल प्रत्याशी के रुप में पर्चा भरा था। बाद में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तीन अक्टूबर को लखनऊ में उन्हें पार्टी ज्वाइन कराते हुए सपा का अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया था। अब डॉ. संजयन साईकिल के निशान पर जीत दर्ज कर विधानसभा पहुंचने के लिए जोर लगा रहे हैं। पर्चा दाखिला के बाद मंगलवार की शाम उन्होंने 17 जिलों के जिलाध्यक्षों के साथ बैठक कर चुनाव में तन-मन से जुटने का निवेदन किया। वहीं, पर्चा दाखिले से लेकर शाम की मीटिंग डॉ. संजयन के आवास पर सर्मथकों का तांता लगा रहा। दिनभर उन्होंने सभी के साथ संवाद करते हुए वोट जुटाने की अपील की।
इससे पहले डॉ. संजयन त्रिपाठी लंबे समय से इस सीट पर भाजपा से टिकट की दावेदारी कर रहे थे। लेकिन जब भाजपा ने उनके बजाय वर्तमान एमएलसी ध्रुव कुमार त्रिपाठी को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया, तो संजयन का धैर्य टूट गया। टिकट कटने से नाराज डॉ. संजयन ने सार्वजनिक रूप से अपनी गाड़ी से भाजपा का झंडा उतार फेंका था। इस दौरान मीडिया और अपने समर्थकों के सामने सालों की मेहनत की अनदेखी की बात कहकर वे भावुक हो गए थे। डॉ. संजयन ने पहले निर्दल प्रत्याशी के रुप में पर्चा दाखिला किया बाद सपा से टिकट मिलने पर साईकिल के सिंबल पर चुनाव लड़ रहे हैं।
डॉ. संजयन के बागी होते ही सपा ने दिखाई तेजी
संजयन त्रिपाठी के बागी होते ही समाजवादी पार्टी ने तेजी दिखाई। चिल्लूपार के पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी की मध्यस्थता से संजयन त्रिपाठी ने लखनऊ में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की। अखिलेश यादव ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई और बड़ा सियासी दांव खेलते हुए पूर्व घोषित सपा उम्मीदवार कमलेश यादव का टिकट काटकर संजयन त्रिपाठी को गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से पार्टी का नया अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर दिया। खास बात यह रही कि टिकट कटने के बावजूद पूर्व घोषित प्रत्याशी कमलेश यादव भी संजयन के समर्थन में उनके साथ खड़े नजर आए।
मुद्दों के साथ मैदान में उतरे संजयन त्रिपाठी
सपा के सिंबल पर दोबारा नामांकन दाखिल करने के बाद डॉ. संजयन त्रिपाठी ने कहा कि यह चुनाव सीधे तौर पर शिक्षकों के मान-सम्मान और हक की लड़ाई है। उन्होंने अपने मुख्य चुनावी मुद्दों को स्पष्ट करते हुए कहा कि वे पुरानी पेंशन योजना की बहाली, वित्तविहीन शिक्षकों को सम्मानजनक मानदेय, मदरसा शिक्षकों का सम्मान और उनके अधिकारों की रक्षा की मांगों को लेकर मजबूती से संघर्ष करेंगे।
सपा और भाजपा उम्मीदवार में कांटे का मुकाबला
डॉ. त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि वर्तमान एमएलसी के सदन में रहते हुए ही शिक्षकों की पुरानी पेंशन समाप्त की गई और पिछली सरकारों में जो सुविधाएं शिक्षकों को मिली थीं, वे भी छीन ली गईं। डॉक्टर संजयन त्रिपाठी के सपा में आने और भाजपा के ध्रुव कुमार त्रिपाठी के सामने चुनाव लड़ने से इस सीट का मुकाबला अब बेहद कांटे का और दिलचस्प हो गया है।
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