सऊदी अरब हमले में मारे गए गोरखपुर के कमलेश का शव पहुंचा गांव: बिलख पड़े परिजन, पत्नी बोलीं- 'मेरा संसार उजड़ गया'

सऊदी अरब के दम्माम स्थित किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए ड्रोन हमले में जान गंवाने वाले गोरखपुर के कमलेश पांडेय (36 वर्षीय) का पार्थिव शरीर मंगलवार को उनके पैतृक गांव पहुंचा। जैसे ही कमलेश का शव गांव की चौखट पर आया, पूरा इलाका गमगीन हो गया और परिजनों के चीत्कार से माहौल भावुक हो गया।
गोरखपुर जिले के बांसगांव क्षेत्र के किशुनपुर उर्फ बगही गांव के रहने वाले कमलेश पांडेय सऊदी अरब के दम्माम एयरपोर्ट पर बस ड्राइवर के रूप में काम करते थे। बीते 21 अक्टूबर 2026 की रात हवाई अड्डे पर हुए अचानक ड्रोन हमले की चपेट में आने से मौके पर ही उनकी मौत हो गई थी। कमलेश अपने परिवार के मुख्य आर्थिक मददगार थे और करीब चार साल से सऊदी अरब में रहकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। वह सिर्फ पांच महीने पहले ही घर से वापस सऊदी गए थे।
अंतिम दर्शन पाकर रो पड़ा परिवार
शव को वापस भारत लाने के लिए परिजनों ने सरकार से गुहार लगाई थी, जिसके बाद केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को पत्र लिखकर त्वरित कार्रवाई का अनुरोध किया था। शासन-प्रशासन और विदेश मंत्रालय के समन्वय के बाद कमलेश का शव उनके गांव लाया जा सका। पति के अंतिम दर्शन करते ही पत्नी सुनीता देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने अत्यंत भावुक होकर कहा, "मेरा तो पूरा संसार ही उजड़ गया।" कमलेश अपने पीछे माता-पिता के अलावा पत्नी सुनीता और दो मासूम बेटियों—तन्वी (14 वर्ष) और तान्या (10 वर्ष)—को छोड़ गए हैं।
गांव में पसरा सन्नाटा
कमलेश के मिलनसार स्वभाव के कारण पूरे गांव में शोक की लहर है। अंतिम संस्कार के दौरान भारी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय प्रशासन के लोग पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचे। माता-पिता के बुढ़ापे का सहारा छिन जाने से पूरा परिवार गहरे सदमे में हैं।
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