गोरखपुर में आपस में भिड़े सपा कार्यकर्ता: पूर्व जिलाअध्यक्ष को जड़े थप्पड़, प्रेस वार्ता के दौरान चुनाव की दावेदारी को लेकर शुरू हुआ विवाद
शहर में शनिवार को गोरखपुर प्रेस क्लब में समाजवादी पार्टी की एक प्रेस वार्ता के दौरान पार्टी नेता और कार्यकर्ता आपस में ही भिड़ गए। इस दौरान जमकर गाली-गलौज हुई और पूर्व जिलाध्यक्ष को थप्पड़ तक जड़ दिया गया। सैकड़ों कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की मौजूदगी में हुए इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद कार्यक्रम स्थल पर हड़कंप और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, समाजवादी पार्टी के वर्तमान जिलाध्यक्ष ब्रजेश गौतम की प्रेस वार्ता बुलाई गई थी। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मंच पर बैठने और साल 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए ग्रामीण विधानसभा सीट से दावेदारी को लेकर विवाद शुरू हुआ। यह विवाद सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी और ग्रामीण विधानसभा सीट से अपनी दावेदारी पेश कर रहे वरिष्ठ नेता अंशुमान सिंह के समर्थकों के बीच हुआ। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और गाली-गलौज शुरू हो गई।
पूर्व जिलाध्यक्ष को मारा थप्पड़
मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के कार्यकर्ता एक-दूसरे पर टूट पड़े और जमकर मारपीट होने लगी। इसी बीच, आरोप है कि अंशुमान सिंह के बेटे कमलेश सिंह ने पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी को एक जोरदार थप्पड़ जड़ दिया। इस थप्पड़बाजी और हाथापाई की घटना का वीडियो भी सामने आया है और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसके साथ ही नगीना साहनी को जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
पुलिस और वरिष्ठ नेताओं ने कराया बीच-बचाव
प्रेस क्लब में मौजूद मीडियाकर्मियों के सामने जब समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता आपस में भिड़ने लगे, तो वहां मौजूद पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया। वहीं, हंगामा बढ़ता देख मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों को दखल देना पड़ा। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं को अलग किया और मामला शांत कराया। इस हंगामे के चलते सपा की प्रेस वार्ता काफी देर तक बाधित रही।
दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे
इस शर्मनाक घटना के बाद दोनों ही पक्षों की ओर से विवाद की वजह को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। जहां एक पक्ष इसे कुर्सी के लिए किया गया हमला बता रहा है, वहीं दूसरा पक्ष इसे विधानसभा चुनाव की टिकट की दावेदारी के आंतरिक विरोध से जोड़कर देख रहा है। फिलहाल, सरेआम हुई इस गुटबाजी और मारपीट ने बाबा के गढ़ में समाजवादी पार्टी के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान को पूरी तरह से उजागर कर दिया है।
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