गोरखपुर की 583 किमी लंबी पांच प्रमुख नहरों की होगी सफाई: शासन से मिले 1.30 करोड़, टेंडर के बाद काम होगा शुरू

जिले में सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पांच प्रमुख नहरों की सफाई कराई जाएगी। इसके लिए शासन से एक करोड़ 30 लाख रुपये की पहली किस्त मिल गई है। कुल 2.40 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है। बजट मिलने के बाद अब टेंडर प्रक्रिया पूरी कर सफाई का काम शुरू कराया जाएगा। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने गुरुवार को अपने कार्यालय में नहर विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर सफाई कार्य को बेहतर और व्यवस्थित ढंग से कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि सिंचाई व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए नहरों की नियमित सफाई जरूरी है। नहरों में जमा सिल्ट, झाड़-झंखाड़ और अन्य अवरोधों को हटाने से पानी का प्रवाह सुचारू होगा, जिससे किसानों को खेतों तक पानी पहुंचाने में आसानी होगी और नहरों की जल वहन क्षमता भी बेहतर बनी रहेगी। जिले की पांच प्रमुख नहरों के कुल 583 किलोमीटर लंबे हिस्से की सफाई होनी है। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सफाई केवल औपचारिकता न रहे, इसका सीधा लाभ किसानों को मिलना चाहिए। टेंडर प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की जाए और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने नहर विभाग के अधिकारियों को कार्य की नियमित निगरानी करने और सफाई के दौरान आने वाली समस्याओं का समय से समाधान करने को भी कहा। बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी हिमांशु वर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
औपचारिकता तक सीमित न रहे सफाई
उन्होंने कहा कि नहरों की सफाई केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसका लाभ किसानों और सिंचाई व्यवस्था को स्पष्ट रूप से मिलना चाहिए। इसलिए कार्य की योजना इस तरह तैयार की जाए कि नहरों में पानी का प्रवाह बाधित न हो और निर्धारित क्षेत्र में सफाई का काम प्रभावी ढंग से पूरा कराया जा सके। जिलाधिकारी ने नहर विभाग के अधिकारियों को कार्य की नियमित निगरानी करने तथा सफाई के दौरान आने वाली समस्याओं का समय से समाधान करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि टेंडर प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी हो और कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप कराया जाए।

किसानों को मिलेगी राहत
नहरों की सफाई पूरी होने से सिंचाई व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। खासकर उन क्षेत्रों में किसानों को राहत मिल सकती है, जहां नहरों में गाद और झाड़-झंखाड़ के कारण पानी का प्रवाह प्रभावित होता है। प्रशासन का जोर है कि उपलब्ध बजट का सदुपयोग करते हुए सफाई कार्य को व्यवस्थित तरीके से पूरा कराया जाए, ताकि किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने में मदद मिल सके।
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